मुंबई। 28 सितम्बर 1982 को मुंबई में पृथ्वी राज कपूर के खानदान में जन्मे रणबीर कपूर को भी फिल्मों में काम पाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। पहली फिल्म फ्लॉप होने के बाद रणबीर कपूर ने अपने दमदार एक्टिंग के बल पर कई बेहतरीन फिल्में दीं।रणबीर के माता-पिता अपने समय के लोकप्रिय सितारे ऋषि कपूर और नीतू सिंह हैं। रणबीर पृथ्वीराज कपूर के पड़पोते और अभिनेता राज कपूर के पोते हैं। इनके ताऊ रणधीर कपूर और चाचा राजीव कपूर हैं, करिश्मा कपूर और करीना कपूर उनकी चचेरी बहनें हैं। रणबीर कपूर ने अभिनेत्री आलिया भट्ट से शादी की है।

मुंबई में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद रणबीर कपूर न्यूयॉर्क चले गए, जहां पर उन्होंने फिल्म निर्माण और अभिनय सीखा। पढ़ाई के दौरान उन्होंने लघु फिल्म पैशन टु लव (2002) और इंडिया 1964 में अभिनय के साथ खुद निर्देशन भी किया। मुंबई आने के बाद रणबीर कपूर ने संजय लीला भंसाली की फिल्म 'ब्लैक (2005)' में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया।

मुंबई लौटने के बाद रणबीर कपूर ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत एक सहयोगी निर्देशक के रूप में निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म ब्लैक (2005) साथ की थी। फिल्म 'ब्लैक' की रिलीज के बाद संजय लीला भंसाली ने रणबीर को अपनी फिल्म 'सांवरिया' में अभिनय का मौका दिया, जिसमें सोनम कपूर भी थीं। हालांकि रणबीर की पहली ही फिल्म फ्लॉप साबित हुई। हालांकि इस फिल्म में रणबीर के अभिनय की तारीफ की गई और उन्हें बेस्ट मेल डेब्यू एक्टर के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। 2009 में वे 'वेक अप सिड' और 'अजब प्रेम की गजब कहानी' में अभिनय किया। दोनों फिल्में बॉक्स ऑफिस पर यह हिट रही।

रणबीर कपूर की सबसे कामयाब फिल्मों में से एक साल 2012 में रिलीज हुई फिल्म 'बर्फी' रही। 2013 में रिलीज हुई फिल्म 'यह जवानी है दीवानी' भी हिट रही। रणबीर की 'संजू (2018)' और 'एनिमल (2023)' को दर्शकों ने खूब सराहा। रणवीर कपूर ने अपने करियर में 22 फिल्में की हैं। अब रणबीर कपूर 'रामायण' फिल्म में नजर आएंगे, जिसका टीजर और ट्रेलर जारी हो चुका है। इस फिल्म को नमित मल्होत्रा ने प्रोड्यूस और नितेश तिवारी फिल्म के डायेक्टर हैं। फिल्म दो पार्ट में रिलीज होगी। 'रामायण: पार्ट 1' दिवाली 2026 और 'रामायण: पार्ट 2' दिवाली 2027 में रिलीज होगी।

रणबीर कपूर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि परिवार की कामयाबियों से अधिक नाकामियों ने सिखाया। शुरुआती दौर में इंडस्ट्री के कई डायरेक्टर और प्रोड्यूसर मुझे लॉन्च करना चाहते थे। मेरे पास मौके थे लेकिन मैं संजय लीला भंसाली का फैन था। इसलिए मैंने अपना रिज्यूमे बनाया और उनके ऑफिस के बाहर जाकर बैठ गया। उस वक्त शायद मुझे नहीं पता था कि यह अनुभव मेरी जिंदगी में कितना काम आएगा। उस इंतजार ने मुझे मजबूत बनाया, मुझे सिखाया कि मौका सामने होने के बावजूद मेहनत करनी पड़ती है।