दमोह, राजेन्द्र तिवारी। कलेक्टर प्रताप नारायण सिंह यादव ने नरसिंहगढ़ स्थित मायसेम सीमेंट फैक्ट्री का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने फैक्ट्री में कार्यरत श्रमिकों से सीधा संवाद स्थापित किया और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं, सुरक्षा मानकों तथा वेतन वितरण के संबंध में विस्तृत जानकारी हासिल की। इस दौरान उन्होंने मजदूरों के साथ बैठकर जलपान भी किया और पूर्व में निरीक्षण के समय पाई गई कमियों व अनियमितताओं में हुए सुधार की समीक्षा की।
केंद्र सरकार की दरों से होगा भुगतान, मजदूरों के खातों में आएगा 50 लाख का एरियर्स
जांच में सामने आया कि फैक्ट्री प्रबंधन ने प्रशासन द्वारा दिए गए सभी शासकीय निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन किया है। कलेक्टर ने प्रबंधन की इस सकारात्मक कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने जानकारी दी कि अब श्रमिकों को राज्य सरकार के बजाय केंद्र सरकार की निर्धारित दरों के अनुसार वेतन भुगतान किया जा रहा है, जिससे उन्हें सीधा आर्थिक लाभ मिला है।
श्रमिकों की आय में 36 प्रतिशत का इजाफा, पार्किंग और कैंटीन की व्यवस्थाएं दुरुस्त
इस नई व्यवस्था के लागू होने से 20 हजार रुपए वेतन पाने वाले श्रमिकों का मानदेय बढ़कर अब 31 हजार रुपए हो गया है। लगभग 36 प्रतिशत की इस वेतनवृद्धि से प्रति श्रमिक 11 हजार रुपए से अधिक का फायदा हुआ है। इसके साथ ही श्रमिकों को 50 लाख रुपए से अधिक के एरियर्स का भुगतान भी किया जा रहा है। इस फैसले से श्रमिकों को प्रतिवर्ष 1 करोड़ 16 लाख रुपए से अधिक का अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलेगा। इसके अलावा परिसर में सुरक्षित पार्किंग और कैंटीन जैसी मूलभूत सुविधाओं को भी बेहतर बनाया गया है।















