दमोह। शहर के सिविल वार्ड नंबर-4 में शासकीय अथवा निजी भूमि पर अतिक्रमण किए जाने की शिकायत पर राजस्व और नगरीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। अधिकारियों द्वारा राजस्व दस्तावेजों की पड़ताल करने और मौके पर विधिवत सीमांकन व नाप-जोख की कार्रवाई करने के बाद शिकायत पूरी तरह निराधार व झूठी पाई गई। प्रशासनिक हस्तक्षेप और पैमाइश के बाद दोनों पक्षों के बीच उपजे तनाव को शांत करा दिया गया है।
नाप-जोख में नहीं मिला अतिक्रमण, शिकायत पाई गई बेबुनियाद
सिविल वार्ड-4 में निर्माण या जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर प्रशासन को शिकायत प्राप्त हुई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व विभाग और नगरपालिका की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने नक्शा और खसरा आदि सुसंगत दस्तावेजों के आधार पर स्थल पर फीता डालकर सीमांकन किया। जांच के उपरांत तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि मौके पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण नहीं पाया गया है और की गई शिकायत तथ्यों से परे व झूठी साबित हुई है।
मौके पर ही पंचनामा तैयार, समझाइश देकर शांत कराया विवाद
जांच के दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद या टकराव की स्थिति न बने, इसे ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने पूरी निष्पक्षता से नाप-जोख की कार्रवाई को अंजाम दिया। स्थल निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने मौके पर ही विस्तृत पंचनामा तैयार किया और दोनों पक्षों को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए समझाइश दी। प्रशासनिक पारदर्शिता के चलते दोनों पक्षों ने पैमाइश को स्वीकार किया, जिससे मौके पर बन रही विवाद की स्थिति टल गई।
नगरपालिका सीएमओ सहित अमला रहा मुस्तैद
कार्रवाई के दौरान नगरपालिका सीएमओ राजेंद्र सिंह भी अपने अमले के साथ स्थल पर डटे रहे और राजस्व अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराया। प्रशासन की त्वरित और तथ्यपरक कार्रवाई के बाद क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य और शांतिपूर्ण है।




