फ्रांस | दक्षिण फ्रास के अरियाज प्रान्त के मीर पुआ स्थित भक्ति योगा सेंटर मे दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर एवं श्री मतंगेश्वर सेवा समिति, खजुराहो के तत्वावधान में राधाष्टमी का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं मार्गदर्शन समिति के प्रमुख पंडित सुधीर सुधीर शर्मा ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में राधा-कृष्ण भक्तों ने भजन-कीर्तन, पूजन-अर्चन एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता कर राधारानी एवं भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।
धार्मिक आयोजन के दौरान एक बार फिर पृथक बुंदेलखंड राज्य एवं पृथक ब्रज मंडल धाम के गठन की मांग प्रमुखता से उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि दोनों क्षेत्रों की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को संरक्षित रखते हुए उनके समग्र विकास के लिए इन मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
अपने उद्बोधन में पंडित शर्मा ने कहा कि उनका जन्म भगवान श्रीकृष्ण की पावन लीलास्थली ब्रजभूमि में हुआ, जबकि उनका पालन-पोषण वीरों, संतों और संस्कृति की धरती बुंदेलखंड में हुआ। उन्होंने कहा कि उनके परिवार की कई पीढ़ियां राधा-कृष्ण भक्ति से अनुप्राणित रही हैं। उनकी दादी का नाम राधारानी, दादा का नाम बगोपाल शर्मा, चाचा का नाम घनश्याम शर्मा, पुत्री का नाम सरिता राधा शर्मा, दामाद का नाम गुइडो गोविंद बोरसों तथा बहन समान पुत्री के पुत्र का नाम युवान कृष्ण राजोरिया है। उन्होंने कहा कि स्वयं उनका नाम ठाकुर सुधीर कृष्ण शर्मा है, जो उनके परिवार की कृष्णभक्ति और सनातन संस्कृति के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक है।
गोंदिया मठ एवं श्री प्रभुपाद जी महाराज (इस्कॉन) के शिष्य पूज्य श्री तीर्थ गोस्वामी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से शीघ्र ही खजुराहो में एक भव्य श्रीकृष्ण मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मंदिर भक्ति, आध्यात्मिक शिक्षा, गौसेवा, संस्कार एवं सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार का प्रमुख केंद्र बनेगा।
इस अवसर पर इंजीनियर सुरेंद्र गुप्ता ने कहा कि खजुराहो पुरानी बस्ती स्थित प्राचीन श्री बिहारी जी मंदिर सनातन आस्था और ब्रज संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने मंदिर के संरक्षण, विकास एवं सुव्यवस्थित संचालन का दायित्व निभाने का संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा एवं धार्मिक गतिविधियों के विस्तार के लिए समाज के सहयोग से निरंतर कार्य किए जाएंगे।
कार्यक्रम में स्वामी प्रह्लाद जी, संजय गोस्वामी, नारायणी, राधा दासी, मूर्ति स्वामी एवं रेवती दासी सहित रूस, यूक्रेन, स्पेन, अंडोरा, मैक्सिको, ब्राज़ील तथा यूरोप के विभिन्न देशों से आए बड़ी संख्या में सनातन प्रेमियों एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। सभी ने राधाष्टमी महोत्सव को आध्यात्मिक एकता, सांस्कृतिक समरसता और सनातन परंपरा के संरक्षण का प्रेरणादायी आयोजन बताया।
कार्यक्रम के अंत में विश्व शांति, राष्ट्र की समृद्धि, मानव कल्याण तथा सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विशेष प्रार्थना की गई।l











