इंदौर। मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह से जुड़े मामले में अब बड़ा फैसला लिया जा सकता है। यह केस इंदौर की एमपी-एमएलए कोर्ट में चलाने की संभावना जताई जा रही है। मुख्यमंत्री फिलहाल दावोस दौरे पर हैं और उनके लौटने के बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को इस मामले में दो हफ्ते का समय दिया है।
सूत्रों के मुताबिक सरकार इस बात पर मंथन कर रही है कि केस की सुनवाई किस अदालत में कराई जाए। चूंकि मामला एक जनप्रतिनिधि से जुड़ा है, इसलिए इसे विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित किया जा सकता है, ताकि सुनवाई तेज गति से हो सके।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
शीर्ष अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मामले में अनावश्यक देरी न की जाए और तय समय सीमा के भीतर निर्णय लेकर अदालत को अवगत कराया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा है कि कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
सीएम के लौटने के बाद होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री के विदेश दौरे से लौटने के बाद गृह विभाग और विधि विभाग के साथ बैठक कर अंतिम फैसला लिया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि कानूनी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी हो।
अगले कदम पर सबकी नजर
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दो हफ्ते की समय सीमा के भीतर सरकार क्या निर्णय लेती है और क्या वाकई यह मामला इंदौर एमपी-एमएलए कोर्ट में भेजा जाएगा या किसी अन्य अदालत में सुनवाई होगी।

