नई दिल्ली। यूक्रेन पर रूस की आक्रामक कार्रवाइयों की यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने न‍िंदा की। उन्होंने कहा कि रूस को अपनी कार्रवाई की कीमत चुकानी होगी। उन्‍होंने बताया क‍ि यूरोपियन यूनियन रूस की फ्रीज की गई संपत्तियों से मिलने वाली आय का उपयोग यूक्रेन की मदद के लिए करेगा।यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट पर ल‍िखा, ''एक बार फिर हम यूक्रेन पर रूस के हवाई हमलों की भयावह खबरें सुन रहे हैं। रूस को उस तबाही की कीमत चुकानी होगी जो उसने पहुंचाई है और यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऐसा हो, हम रूस की फ्रीज की गई संपत्तियों से मिलने वाली आय का उपयोग कर रहे हैं। हम उसी राशि में से अतिरिक्त 1.4 अरब यूरो यूक्रेन को उपलब्ध करा रहे हैं। यह सहायता रूस की ओर से छेड़े गए इस अवैध युद्ध के खिलाफ यूक्रेन के लगातार प्रतिरोध और रक्षा प्रयासों को मजबूत करने में मदद करेगी।''

रूस लगातार यूक्रेन पर अपनी सैन्‍य कार्रवाई को अंजाम दे रहा है। रूस ने एक बार फ‍िर मिसाइलों और ड्रोन का इस्‍तेमाल करके यूक्रेन के कीव शहर में तबाही मचाई। यूक्रेनी राष्‍ट्रपत‍ि वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया क‍ि यह बहुत बड़ा हमला था। रूस ने उन जगहों को न‍िशाना बनाया है, जिनका युद्ध से कोई लेना-देना नहीं था। रूस के इन हमलों में 17 लोगों ने अपनी जान गंवा दी और करीब 44 लोग घायल हुए हैं।

जेलेंस्की ने कहा क‍ि आज जिन लोगों की जान गई, उन्हें बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने वाले इंटरसेप्टर सिस्टम बचा सकते थे। यह बहुत जरूरी है कि हमारे साझेदार समझें कि इन इंटरसेप्टरों की आपूर्ति में देरी या एंटी बैलिस्टिक सिस्टम देने की अनिच्छा सीधे तौर पर ऐसी दुखद मौतों और भारी तबाही का कारण बनती है।

जेलेंस्की ने बताया क‍ि यह बहुत बड़ा हमला था। इसमें 24 बैलिस्टिक मिसाइलें, चार 'जिरकॉन/ओनिक्स' मिसाइलें और 115 अन्य ड्रोन इस्तेमाल किए गए, जिनमें से काफी संख्या में डिकॉय (भ्रम पैदा करने वाले) ड्रोन भी शामिल थे।

जेलेंस्की ने कहा क‍ि हमले के मुख्य निशाने नागरिक कंपनियों के गोदाम थे। इसके अलावा बुनियादी ढांचे और एक रेलवे स्टेशन पर भी हमले किए गए। जिन जगहों को निशाना बनाया गया, उनका युद्ध से कोई सीधा संबंध नहीं था, जैसे एक ब्रूइंग कंपनी, निर्माण सामग्री के गोदाम और नागरिक लॉजिस्टिक्स सुविधाएं।