नई दिल्ली। यूरोप के कई देश फ्रांस, इटली, स्‍पेन और अल्‍बान‍िया प्रदर्शन की आग में झुलस रहे हैं। लोग बढ़ती मकान की कीमतों और महंगे जीवनयापन के खर्चों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं। फ्रांस में बढ़ती महंगाई और स्कूलों की खराब होती स्थिति के खिलाफ शन‍िवार शाम लोग ह‍िंसक हो गए। स्पेन के बार्सिलोना शहर में भी प्रदर्शनकारियों ने लूटपाट कर सरकारी सपत्ति को नुकसान पहुंचाया।‍

समाचार एजेंसी श‍िन्‍हुआ की र‍िपोर्ट के अनुसार, फ्रांस में शनिवार को 4,10,000 लोग सड़कों पर उतर आए। इस दौरान 70 हजार पुलिसकर्मियों की तैनात की गई। लगभग एक हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया।

इटली के मिलान में सैकड़ों सैनिकों को तैनात किया गया। बोलोग्ना में कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ। स्पेन के मैड्रिड में हजारों सेवानिवृत्त लोगों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने मार्च निकाला और सम्मानजनक पेंशन की मांग की। वहीं, अल्बानिया में प्रदर्शनकारियों ने कृषि मंत्रालय के प्रवेश द्वार पर आग लगा दी।

तुर्किए टुडे की र‍िपोर्ट के अनुसार, फ्रांस में बढ़ती महंगाई और स्कूलों की खराब होती स्थिति के खिलाफ शनिवार को हुए ज्यादातर शांतिपूर्ण प्रदर्शनों ने रात होते-होते कई शहरों में हिंसक रूप ले लिया। राजधानी पेरिस समेत कई जगहों पर झड़पें हुईं और पुलिस ने करीब 1,000 लोगों को गिरफ्तार किया। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने बताया कि सभी जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, इसके बावजूद कई जगह हालात बिगड़ गए।

पेरिस में मुख्य मार्च के खत्म होने के बाद करीब 500 नकाबपोश युवाओं और पुलिस के बीच टकराव हुआ। हालात काबू में करने के लिए दंगा-रोधी पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछारों (वॉटर कैनन) का इस्तेमाल किया। यह सब ऐसे समय हुआ है जब पिछले सप्ताह भी देशभर में दंगे और लूटपाट की घटनाएं हुई थीं।

गृह मंत्रालय के मुताबिक, पूरे देश में 289 जगहों पर प्रदर्शन हुए। गृह मंत्री नुनेज ने कहा कि गिरफ्तार लोगों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि अभी सभी आंकड़े पूरी तरह सामने नहीं आए हैं। उन्होंने बताया कि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

सीबीएस न्‍यूज के मुताब‍िक, स्पेन के बार्सिलोना शहर में हुए एक सरकार-विरोधी प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने दुकानों में लूटपाट की और शहर के केंद्रीय इलाके प्लाजा दे कातालुन्या के आसपास सड़क पर लगी सार्वजनिक संपत्ति में आग लगा दी।

यह विरोध प्रदर्शन लोगों की उन समस्याओं और चिंताओं को दिखाता है, जो बढ़ती महंगाई और आवास से जुड़ी मुश्किलों के कारण सामने आ रही हैं।