जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर के रामपुर स्थित तरंग ऑडिटोरियम में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जहाँ मशहूर बॉलीवुड अभिनेता आशुतोष राणा के सुप्रसिद्ध नाटक 'हमारे राम' के जीवंत मंचन के दौरान अचानक भीषण आग लग गई। आगजनी की इस घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर पूरे ऑडिटोरियम की बिजली तात्कालिक रूप से बंद करनी पड़ी, जिससे पूरे परिसर में गहरा अंधेरा छा गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कार्यक्रम को बीच में ही रोक दिया गया और मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य अभिनेता आशुतोष राणा सहित मंच पर मौजूद करीब 20 कलाकारों और ऑडिटोरियम में बैठे सैकड़ों दर्शकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन शो बाधित होने के कारण आयोजकों को इसके बाद होने वाला दूसरा शो मजबूरन रद्द करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 7:00 बजे मध्य प्रदेश विद्युत विभाग के तरंग ऑडिटोरियम में 'हमारे राम' नाटक की प्रस्तुति अपने पूरे शबाब पर थी। रंगमंच पर अभिनेता आशुतोष राणा 'रावण' की दमदार भूमिका में अपनी प्रस्तुति दे रहे थे और दर्शक मंत्रमुग्ध होकर नाटक देख रहे थे। इसी दौरान ऑडिटोरियम के ग्रीन रूम के ठीक नीचे स्थित एक तकनीकी कक्ष के मुख्य कंट्रोल पैनल में अचानक तेज शॉर्ट सर्किट हुआ और देखते ही देखते कंट्रोल पैनल ने आग पकड़ ली। कम समय में ही उस कक्ष और आसपास के हिस्से में गाढ़ा धुआं भर गया। जैसे ही मंच के पीछे आग लगने और धुआं उठने की भनक लगी, कार्यक्रम स्थल पर मौजूद क्रू मेंबर्स और दर्शकों में भारी हड़कंप मच गया।
हादसे को विकराल रूप लेने से रोकने और एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था के तहत तकनीकी टीम ने तुरंत पूरे ऑडिटोरियम की मुख्य बिजली आपूर्ति (पावर सप्लाई) को पूरी तरह बंद कर दिया। बिजली गुल होते ही हॉल में अंधेरा छा गया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई। ऐसे संकट के समय आयोजकों और सुरक्षाकर्मियों ने धैर्य का परिचय दिया और मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट व टॉर्च की रोशनी की मदद से मंच पर मौजूद कलाकारों तथा दीर्घा में बैठे दर्शकों को धीरे-धीरे सुरक्षित निकास द्वारों की तरफ ले जाया गया। अभिनेता आशुतोष राणा को भी सुरक्षा घेरे में लेते हुए तत्काल ऑडिटोरियम से बाहर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
आग भड़कते ही सबसे पहले ऑडिटोरियम प्रबंधन और स्थानीय कर्मचारियों ने परिसर में ही स्थापित अग्निशमन उपकरणों (फायर एक्सटिंगुइशर) की मदद से लपटों पर काबू पाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता अधिक होने के कारण शुरुआती कोशिशों में सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद तत्काल नगर निगम के फायर ब्रिगेड कंट्रोल रूम को सूचित किया गया, जहां से दमकल की गाड़ियां और फायर फाइटर्स की विशेष टीम तेजी से मौके पर रवाना हुई। दमकलकर्मियों ने घटना स्थल पर मोर्चा संभालते हुए कुछ ही मिनटों की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया, जिससे एक बहुत बड़ा और भयावह हादसा टल गया। आग पूरी तरह शांत होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और विद्युत विभाग के इंजीनियरों ने मौके का मुआयना कर स्थिति का जायजा लिया। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि किसी भी व्यक्ति को मामूली चोट तक नहीं आई है।



