गांधीनगर। राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की तैयारियों के लिए गुजरात आए कम से कम 24 कर्मियों की पिछले दो दिनों में गांधीनगर सिविल अस्पताल में डेंगू की पुष्टि हुई है, जबकि बुखार और बदन दर्द के बाद कई अन्य को निगरानी में रखा गया है। अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
गांधीनगर सिविल अस्पताल के रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) विपुल पंड्या ने आईएएनएस को बताया कि गुरुवार को लगभग 34 कर्मियों को भर्ती किया गया था, जिनमें से 23 की डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
शुक्रवार को शाम लगभग 5 बजे तक पांच और लोगों को भर्ती किया गया, जिनमें से एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई और चार अन्य को रिपोर्ट आने तक संदिग्ध मामलों के रूप में इलाज किया जा रहा है।
पंड्या ने कहा कि कल 34 लोग आए थे। उनमें से 23 पॉजिटिव थे और बाकी संदिग्ध थे। उन्होंने आगे बताया कि शुक्रवार को भर्ती किए गए पांच मरीजों में एक पॉजिटिव और चार संदिग्ध मामले शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार दोपहर तक लगभग 10 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी और बाकी मरीजों की हालत स्थिर है। उम्मीद है कि अगले एक-दो दिनों में कई और मरीजों को भी छुट्टी दे दी जाएगी।
पांड्या ने आगे कहा कि सभी की हालत स्थिर है और फिलहाल कोई जटिलता नहीं है।
अधिकांश मरीजों की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच है और उनमें बुखार और बदन दर्द जैसे लक्षण पाए गए हैं। पंड्या ने बताया कि भर्ती किए गए लोगों में से किसी की भी हालत गंभीर नहीं है।
आरएमओ के अनुसार, ये कर्मी विभिन्न राज्यों से आए हैं, और इनमें उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, केरल और बिहार के लोग शामिल हैं।
ये उन कर्मियों में से हैं जो 31 अक्टूबर को एकता नगर में होने वाली राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की तैयारियों के लिए गुजरात पहुंचे हैं।
पंड्या ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों को गांधीनगर के एक छात्रावास में एक साथ ठहराया गया है। उन्होंने बताया कि सभी एक ही छात्रावास में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई हजार लोग आए थे और उनके लिए एक साथ रहने की व्यवस्था की गई थी।
हालांकि, उन्होंने छात्रावास को संक्रमण का स्रोत नहीं बताया। पंड्या ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के एक साथ आने के बाद अस्पताल ने राज्य और जिला स्तरीय महामारी/जन स्वास्थ्य टीमों को सूचित कर दिया है और महामारी विज्ञान संबंधी आकलन इन्हीं टीमों द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि महामारी विशेषज्ञ सभी जांच करेंगे। हम डॉक्टरों का काम सिर्फ इलाज से जुड़ा है... हम यहां मरीजों की देखभाल करते हैं।














