गांधीनगर। वडनगर में रजिस्टर्ड 300 से ज्यादा ऑटो-रिक्शा को राज्य के टूरिज़्म डेवलपमेंट के प्रयासों में शामिल किया जा रहा है। गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड का इस्तेमाल करके इन गाड़ियों को ऐसा लुक दे रहा है जो इस ऐतिहासिक शहर की विरासत को दर्शाता है।'वडनगर हेरिटेज ऑटो प्रोजेक्ट' नामक इस पहल को राज्य के पर्यटन और परिवहन विभागों से लॉजिस्टिकल मदद के साथ लागू किया जा रहा है। यह पहल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण इस शहर को एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर विकसित करने की कोशिशों का हिस्सा है।
इस प्रोजेक्ट के तहत, हर ऑटो-रिक्शा को रेट्रोफिट करने पर 50,000 रुपये से ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं।
पहले चरण में 21 ऑटो-रिक्शा चुने गए और उन्हें नया रूप दिया गया है। इनके नए डिजाइन का मकसद वडनगर की ऐतिहासिक विरासत को दिखाना और इन गाड़ियों को शहर से जुड़ी एक अलग पहचान देना है।
इस पहल का मकसद वडनगर आने वाले पर्यटकों के लिए ऐतिहासिक जगहों को घूमना आसान बनाना है। साथ ही, स्थानीय ऑटो-रिक्शा चालकों को शहर की टूरिज्म इकॉनमी में शामिल होने का मौका देना भी है।
वडनगर पूरे भारत और विदेशों से पर्यटकों को आकर्षित करता है और इस प्रोजेक्ट का मकसद स्थानीय परिवहन को शहर की बढ़ती पर्यटन गतिविधियों के साथ और बेहतर ढंग से जोड़ना है।
राज्य सरकार वडनगर के विकास के लिए कई योजनाएं चला रही है। साथ ही, राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को भी इन प्रयासों में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इस प्रोजेक्ट के लिए रजिस्ट्रेशन जारी है ताकि ज्यादा से ज्यादा ऑटो-रिक्शा ड्राइवर इस पहल का फायदा उठा सकें।
जो ड्राइवर अपनी गाड़ियों को हेरिटेज-थीम वाला लुक देना चाहते हैं, वे इस स्कीम का फायदा उठाने और रजिस्ट्रेशन के लिए वड़नगर एसटी डिपो में जीएसएफसी के प्रतिनिधि से संपर्क कर सकते हैं।
इस प्रोजेक्ट से उम्मीद है कि यह पर्यटकों को वडनगर का अनुभव करने का एक अनोखा तरीका देगा और साथ ही स्थानीय ऑटो-रिक्शा चालकों को पर्यटन से जुड़ी ट्रांसपोर्ट सेवाओं में शामिल करके उन्हें मदद भी पहुंचाएगा।
वडनगर का हेरिटेज डेस्टिनेशन के तौर पर महत्व इसके लंबे और कई परतों वाले इतिहास से है। यहां कई सदियों पुराने पुरातात्विक अवशेष और वास्तुशिल्प संरचनाएं मौजूद हैं, जिनमें बौद्ध मठ, स्तूप, मंदिर, किलेबंदी, दरवाज़े, तोरण, झीलें, कुएं और पारंपरिक घर शामिल हैं।
इस शहर ने पश्चिमी भारत में भीतरी इलाकों के व्यापार केंद्र के तौर पर अहम भूमिका निभाई। 2022 में वडनगर को 'वडनगर गुजरात का एक बहु-स्तरीय ऐतिहासिक शहर' के नाम से यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की संभावित सूची में शामिल किया गया।




