कोलंबो (श्रीलंका): बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर सरकार) अपने श्रीलंका प्रवास के दौरान रामायणकालीन पवित्र स्थल अशोक वाटिका पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान हनुमान के पदचिन्हों के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और भावुक हो गए।


इस दौरान बागेश्वर सरकार ने सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि श्रीलंका की यह यात्रा सिर्फ दर्शन के लिए नहीं, बल्कि प्राचीन सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से भी है। भक्तों की भारी भीड़ में उन्होंने आध्यात्मिक संदेश दिया।


जन्मोत्सव होगा ज्ञान-ध्यान-दान दिवस


बागेश्वर सरकार ने इस मौके पर घोषणा की कि इस वर्ष उनका जन्मोत्सव ज्ञान, ध्यान और दान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि सेवा, साधना और परोपकार को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाएं।


श्रीलंका दौरे को लेकर बागेश्वर धाम के भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस यात्रा की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।


रामायण से जुड़े महत्वपूर्ण स्थल


अशोक वाटिका वह पवित्र स्थान है जहां रामायण काल में माता सीता को रखा गया था और भगवान हनुमान जी ने उनसे मुलाकात की थी। बागेश्वर सरकार के इस दर्शन को भक्तों ने बड़े शुभ संकेत के रूप में देखा है।


यह यात्रा बागेश्वर सरकार की विदेशी धार्मिक यात्राओं की श्रृंखला में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो रही है, जहां वे सनातन धर्म की जड़ों को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।