भिंड, अक्षय जोशी। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में नेशनल हाईवे 719 पर गोहद चौराहा स्थित बंजारे का पुरा के पास शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा घटित हुआ। नेपाल से आ रही एक स्लीपर बस और एलपीजी गैस सिलेंडरों से लदे ट्रक के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में एक महिला यात्री की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।

दुर्घटना इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और ड्राइवर केबिन के अंदर ही बुरी तरह फंस गया, जिसे स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला।


ओवरटेकिंग के प्रयास में बिगड़ा संतुलन, ट्रॉला पलटने से टला बड़ा हादसा

पुलिस द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गैस सिलेंडरों से भरा ट्रक अपने आगे चल रहे एक बड़े ट्रॉला को ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार स्लीपर बस से उसकी सीधी टक्कर हो गई। हादसे को भांपते हुए ट्रॉला चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए अपने वाहन को तुरंत सड़क से नीचे उतार दिया। इस प्रयास में ट्रॉला असंतुलित होकर खाई में पलट गया, लेकिन इससे एक और बड़ी भिड़ंत होने से बच गई।


घायलों को इलाज के लिए ग्वालियर किया गया रेफर

यह स्लीपर बस नेपाल के पलिया प्रांत से यात्रियों को लेकर बेंगलुरु की ओर जा रही थी। हादसे में जान गंवाने वाली मृतका की तत्काल पहचान नहीं हो सकी है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस की मदद से सभी 15 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया गया है।


ग्रामीण बने मददगार, प्रत्यक्षदर्शी ने बताया घटनाक्रम

हादसे के प्रत्यक्षदर्शी और सेना से सेवानिवृत्त फौजी नवल सिंह भदौरिया ने बताया कि वे दुर्घटना के समय बस के ठीक पीछे अपनी बाइक से चल रहे थे। उन्होंने बताया कि एक्सीडेंट की सूचना देने के लगभग 30 मिनट बाद पुलिस बल मौके पर पहुँचा, लेकिन उससे पहले ही आसपास के ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बस में फंसे यात्रियों और घायलों को बाहर निकालकर सड़क किनारे पहुंचाया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि ट्रॉला ड्राइवर समय रहते अपने वाहन को सड़क से नीचे नहीं उतारता, तो एलपीजी सिलेंडर से लदे ट्रक के कारण दुर्घटना और भी भयावह हो सकती थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।