नई दिल्ली। अमेरिका और भारत ने एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे दिया है, जिससे भारतीय सामानों पर अमेरिकी टैरिफ 18 प्रतिशत कम हो जाएगा। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस व्यापार समझौते की सराहना करते हुए इसे दोनों देशों के लिए 'बहुत अच्छी खबर' बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "हमने अपने दोनों महान देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा पर सहमति जताई है। मैं हमारे देशों के बीच मजबूत संबंधों के प्रति अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद देता हूं।"
उन्होंने कहा, "यह रूपरेखा हमारी साझेदारी की बढ़ती गहराई, विश्वास और गतिशीलता को दिखाती है। यह भारत के मेहनती किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, स्टार्टअप इनोवेटर्स, मछुआरों और अन्य लोगों के लिए नए अवसर खोलकर 'मेक इन इंडिया' को मजबूत करती है। इससे महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होगा। भारत और अमेरिका इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और यह रूपरेखा हमारे बीच निवेश और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को मजबूत करेगी।"
पीएम मोदी ने कहा कि व्यापार समझौते की रूपरेखा मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन को भी मजबूत करेगी व वैश्विक विकास में योगदान देगी। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत 'विकसित राष्ट्र' बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, हम ऐसे वैश्विक पार्टनरशिप बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो भविष्य-उन्मुख हों, हमारे लोगों को सशक्त बनाएं और साझा समृद्धि में योगदान दें।
इससे पहले केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह व्यापार समझौता भारत-अमेरिका के आर्थिक सहयोग को मजबूत करेगा। यह हमारे लोगों और व्यवसायों के लिए स्थायी विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "व्यापार समझौते की रूपरेखा के तहत अमेरिका भारतीय सामानों पर आपसी टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा, जिससे दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी में टेक्सटाइल और कपड़ों, चमड़े और फुटवियर, प्लास्टिक और रबर प्रोडक्ट्स, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, कारीगरी वाले प्रोडक्ट्स और चुनिंदा मशीनरी जैसे अहम सेक्टर में बड़ा मार्केट मौका मिलेगा।"
पीयूष गोयल ने आगे बताया कि जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे, और एयरक्राफ्ट पार्ट्स समेत कई तरह के सामानों पर टैरिफ घटकर जीरो हो जाएगा, जिससे भारत की एक्सपोर्ट कॉम्पिटिटिवनेस व 'मेक इन इंडिया' को और बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने जानकारी दी कि भारत को सेक्शन 232 के तहत एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर छूट, ऑटो पार्ट्स पर टैरिफ रेट कोटा और जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स पर बातचीत के नतीजों का भी फायदा मिलेगा, जिससे इन सेक्टरों में एक्सपोर्ट में ठोस फायदा होगा। साथ ही, यह समझौता संवेदनशील कृषि और डेयरी प्रोडक्ट्स, जैसे मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, इथेनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियां, मांस वगैरह को पूरी तरह से सुरक्षित रखकर किसानों के हितों की रक्षा करने और ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी दिखाता है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता भारत और अमेरिका को आर्थिक सहयोग को और गहरा करने के लिए मिलकर काम करने पर ध्यान केंद्रित रखने में मदद करेगा, जो हमारे लोगों और व्यवसायों के लिए स्थायी विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से 'मेक इन इंडिया' को मिलेगी नई ताकत: प्रधानमंत्री मोदी
00:00/04:23

Saurabh Shukla
22 अगस्त 2026, 10:38 pm IST
Saurabh Shukla22 अगस्त 2026, 10:38 pm IST
Latest News

यूएन में भारत ने उठाया पीओके में बिगड़ते हालात का मुद्दा, कहा- जून से हो रही नागरिकों की मौत, छात्रों की गिरफ्तारी

प्रशांत द्वीप देशों के लिए भारत का मेगा प्लान: एफआईपीआईसी बैठक में जयशंकर ने गिनाए भारत के प्रोजेक्ट

एशियन गेम्स: चीन की महिला जिम्नास्टिक्स टीम ने लगातार 14वीं बार खिताब जीता

असम ने 2031 तक 4,000 एमबीबीएस सीटों का लक्ष्य रखा है: मुख्यमंत्री सरमा

गहरे दबाव के असर से ओडिशा में भारी बारिश जारी, कई जिलों के लिए रेड अलर्ट

आइसलैंड भारत को अपना सबसे अच्छा दोस्त मानता है और कंधे से कंधा मिलाकर चलता है : राजदूत होस्कुल्डसन

ओमान तट के पास जहाज पर हमला, एक भारतीय नाविक की मौत, 19 को बचाया गया

वनडे सीरीज: इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद एक और झटका, आईसीसी ने श्रीलंकाई टीम पर लगाया जुर्माना

दवाओं की कीमतों में करोड़ों का खेल, नामचीन अस्पताल भी भागीदार : जसवंत पटेल



