नई दिल्ली। अमेरिका के मोंटाना राज्य के गवर्नर ग्रेग जियानफोर्टे को उम्मीद है कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता जल्द होगा। वो भारत के दौरे पर हैं और उन्होंने आईएएनएस के साथ एक्सक्लूसिव साक्षात्कार में द्विपक्षीय संबंधों को लेकर राय जाहिर की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के कारोबार को स्पष्टता और भरोसे की जरूरत है तथा समझौता पारस्परिक और निष्पक्ष होना चाहिए।

भारत दौरे पर आए जियानफोर्टे ने कहा, "दिल्ली पहुंचने के बाद सबसे पहले भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की थी। राजदूत ने आश्वस्त किया कि व्यापार समझौते पर दोनों देश बहुत करीब पहुंच चुके हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "भारतीय और अमेरिकी कारोबारों को निश्चितता की जरूरत है। हमें एक पारस्परिक संबंध चाहिए, जो कारोबारों को यह भरोसा दे कि वे एक-दूसरे के साथ व्यापार कर सकते हैं और दोनों पक्षों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।"

मोंटाना गवर्नर के मुताबिक, "कारोबार और निवेश के लिए निश्चितता बेहद महत्वपूर्ण है। पूंजी जोखिम से बचती है और स्पष्टता के अभाव में दोनों देशों के बीच गहरे आर्थिक संबंध बनाना मुश्किल हो जाता है।"

जियानफोर्टे ने बताया कि उनके साथ भारत दौरे पर 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है। उन्होंने कहा, " मोंटाना से 30 से अधिक पेशेवरों का प्रतिनिधिमंडल भारत आया है, जिसमें उच्च शिक्षा और उन्नत प्रौद्योगिकी से जुड़े लोग शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल की विभिन्न संस्थानों के साथ बैठकें बेहद उत्पादक रही हैं।

भारत और मोंटाना की कृषि क्षेत्र में समानता की बात भी उन्होंने कही। एक सवाल के जवाब में कहा,"भारत और मोंटाना के बीच कृषि क्षेत्र में समानताएं हैं। भारत एक कृषि प्रधान देश है, जबकि मोंटाना भी अमेरिका का एक कृषि प्रधान राज्य है। और अच्छी बात ये है कि कृषि की प्रधानता के बावजूद दोनों ही जगह नवाचार और तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।"

जियानफोर्टे ने आगे बताया, " मोंटाना अमेरिका में दलहन फसलों का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। वहां मटर, चना और मसूर जैसी फसलों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। ये राज्य लंबे समय से दुनिया के लोगों के लिए खाद्य उत्पादन में योगदान देता रहा है।"

उन्होंने प्रिसिजन एग्रीकल्चर यानी सटीक कृषि को भी संभावित सहयोग का अहम क्षेत्र बताया। उनके अनुसार, तकनीक किसानों की उत्पादकता बढ़ाने में मदद कर रही है। उन्होंने बताया, " मोंटाना के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के डीन भी प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आए हैं और दोनों पक्ष कृषि अनुसंधान तथा सहयोग के नए अवसर तलाश रहे हैं।"

भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में मोंटाना के किसानों और दलहन निर्यात के महत्व पर उन्होंने कहा कि उनका प्रतिनिधिमंडल केवल व्यापार समझौते पर ही ध्यान केंद्रित नहीं कर रहा है, बल्कि दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक और तकनीकी सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहा है।

भारत दौरे के दौरान क्वांटम टेक्नोलॉजी और फोटोनिक्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी मोंटाना की नजर है। गवर्नर ने माना कि ये क्षेत्र उन्हें विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं। दोनों देशों के विश्वविद्यालयों और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग पर चर्चा हो रही है। उन्होंने एयरोस्पेस और रक्षा तकनीक को भी सहयोग का महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। कहा, " मोंटाना में विमान के कलपुर्जे बनाए जाते हैं और भारत में एयरोस्पेस क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं।"