मुंबई। सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए निवेश पर निवेशकों का भरोसा कायम है और जुलाई में इनफ्लो बढ़कर 31,961 करोड़ रुपए हो गया है, जून में यह 31,781 करोड़ रुपए पर था। यह जानकारी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) की ओर से मंगलवार को दी गई। यह लगातार चौथा महीना है, जब एसआईपी इनफ्लो 30,000 करोड़ रुपए से अधिक रहा है। यह मई में 30,954 करोड़ रुपए, अप्रैल में 31,115 करोड़ रुपए और मार्च में 32,087 करोड़ रुपए था, जो कि अब तक का ऑल-टाइम हाई है।
जुलाई में सभी फंड्स में फोलियो की संख्या बढ़कर 28.08 करोड़ हो गई है, जो कि 27.85 करोड़ थी।
एम्फी के डेटा के मुताबिक, जुलाई में इक्विटी म्यूचुअल फंड का कुल इनफ्लो 15 प्रतिशत घटकर 24,697 करोड़ रुपए रह गया है जो कि जून में 28,973 करोड़ रुपए था।
इसकी इक्विटी म्यूचुअल फंड की 11 श्रेणियों में स्मॉलकैप फंड्स में सबसे अधिक 7,767 करोड़ रुपए का इनफ्लो देखने को मिला है।
मिडकैप म्यूचुअल फंड श्रेणी में 6,192 करोड़ रुपए का दूसरा सबसे अधिक निवेश आया। इसके बाद फ्लेक्सीकैप फंड का नंबर रहा, जिसमें महीने के दौरान 4,709 करोड़ रुपए का निवेश हुआ। लार्ज एंड मिडकैप फंड और मल्टीकैप फंड में क्रमशः 3,425 करोड़ रुपए और 3,227 करोड़ रुपए का निवेश आया।
अन्य स्कीम्स में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) को 9,512.05 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हुआ। वहीं गोल्ड ईटीएफ में 1,558.75 करोड़ रुपए और इंडेक्स फंड्स में 1,536.60 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश आया।
डेट-ओरिएंटेड स्कीम्स में लिक्विड फंड्स निवेशकों की सबसे पसंदीदा श्रेणी रहे, जिनमें 1,19,065.85 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश आया।
इसके अलावा, ओवरनाइट फंड्स में 40,412.55 करोड़ रुपए और मनी मार्केट फंड्स में 21,180.23 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया। इससे संकेत मिलता है कि संस्थागत और कॉर्पोरेट निवेशक अल्पकालिक निवेश विकल्पों में सक्रिय बने हुए हैं।
म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) जुलाई में 4 प्रतिशत बढ़कर 85.59 लाख करोड़ रुपए हो गई, जो पिछले महीने 82.05 लाख करोड़ रुपए थी।




