बाकू। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अजरबैजान की यात्रा के दौरान शुक्रवार को अजरबैजान के विदेश मंत्री जेयहुन बायरामोव से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने अजरबैजान-भारत संबंधों के पूरे एजेंडे पर चर्चा की।

अजरबैजान के व‍िदेश मंत्रालय ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर पोस्‍ट में मुलाकात की जानकारी दी। इस बैठक के दौरान बातचीत में राजनीतिक संवाद, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, परिवहन, पर्यटन, शिक्षा, विज्ञान और सांस्कृतिक सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया।

मंत्रालय के अनुसार, बैठक के दौरान अजरबैजान की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे परिवहन और लॉजिस्टिक्स अवसरों पर भी जोर दिया गया। इनमें ईस्ट-वेस्ट और नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर, बाकू-तिबिलिसी-कार्स रेलवे, पोर्ट ऑफ बाकू, अलात फ्री इकोनॉमिक जोन और अन्य औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं।

वार्ता के दौरान, दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र (यूएन), सीआईसीए और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के भीतर सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

विदेश मंत्री बायरामोव ने अपने भारतीय समकक्ष को दक्षिण काकेशस क्षेत्र की स्थिति, अजरबैजान-आर्मेनिया संबंधों को सामान्य बनाने की प्रक्रिया और दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी दी।

उन्होंने अजरबैजान के मुक्त कराए गए क्षेत्रों में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों और वहां अब भी मौजूद बारूदी सुरंगों (लैंडमाइंस) के खतरे के बारे में भी जानकारी साझा की।

बैठक में दोनों मंत्रियों ने आपसी हितों से जुड़े अन्य द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की।

इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अजरबैजान की राजधानी बाकू में राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्‍ट में लिखा, "सुबह बाकू में अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से मुलाकात करके खुशी हुई। मैंने उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री मोदी की ओर से शुभकामनाएं पहुंचाईं। हमने दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। इस साझा प्रयास के प्रति उनके सकारात्मक रुख की सराहना करता हूं।"