श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के बेमिना में शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसकेआईएमएस) कॉलेज के मेडिकल इंटर्नों की ओर से सोमवार को अपनी स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को लेकर भूख हड़ताल शुरू कर दी गई है। एसकेआईएमएस मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस बैच 2021 के इंटर्नों की ओर से अपनी इंटर्नशिप स्टाइपेंड (भत्ते) में बढ़ोतरी की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन को और तेज कर दिया गया है। वे अपनी मांग को मंजरी देने वाले प्रशासन के एक औपचारिक लिखित आदेश की मांग पर अड़े हुए हैं।
एमबीबीएस 2021 बैच के इंटर्नों की ओर से एक बयान में कहा गया कि कोई लिखित और औपचारिक आदेश नहीं मिलने पर यह फैसला लिया गया है। इंटर्नों की ओर से कहा गया कि बार-बार बातचीत और भरोसे के बावजूद स्टाइपेंड में बढ़ोतरी के बारे में कोई आधिकारिक आदेश नहीं आया, जिसके बाद प्रदर्शन को और तेज करना पड़ा।
इंटर्न ने कहा, "हमारा रुख साफ है; जब तक लिखित आदेश नहीं मिलेगा, तब तक विरोध प्रदर्शन खत्म नहीं होगा।" उन्होंने घोषणा की कि भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक उनकी मांगों को पूरा करने वाला औपचारिक आदेश जारी नहीं हो जाता और प्रक्रिया में तेजी नहीं लाई जाती।
विरोध कर रहे इंटर्न ने कहा कि उनकी मांग न्याय, सम्मान और इंटर्न डॉक्टरों की ओर से किए जाने वाले काम और जिम्मेदारियों के बदले उचित मुआवजे से जुड़ी है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से अपील की कि वे इस मामले पर तुरंत ध्यान दें और लिखित व आधिकारिक आदेश के जरिए इस गतिरोध को दूर करें।
यह भूख हड़ताल जम्मू-कश्मीर में एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न के उस व्यापक आंदोलन का अगला चरण है, जिसमें वे अपनी मासिक इंटर्नशिप स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की मांग कर रहे हैं। इंटर्न का कहना है कि जुबानी भरोसे अब काफी नहीं हैं और जब तक सरकार औपचारिक आदेश जारी नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इंटर्न की ओर से कहा गया, "हम बातचीत चाहते हैं। हम न्याय चाहते हैं। हम लिखित आदेश चाहते हैं।"
एसकेआईएमएस बेमिना के विरोध कर रहे इंटर्न ने फिर से कहा है कि भूख हड़ताल का मकसद बातचीत की प्रक्रिया को खत्म करना नहीं बल्कि मामले का जल्द समाधान निकालना है। साथ ही, उन्होंने साफ कर दिया है कि वे सिर्फ आश्वासन और भरोसे के आधार पर अपना विरोध प्रदर्शन वापस नहीं लेंगे।
बता दें कि अभी जम्मू-कश्मीर में मेडिकल इंटर्न का मासिक स्टाइपेंड 12,300 रुपये है। विरोध कर रहे इंटर्न का कहना है कि 2019 के बाद से इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है लेकिन महंगाई में कई गुना बढ़ोतरी हो गई है।




