पन्ना,अशोक नामदेव। जिले में केन–बेतवा लिंक परियोजना के तहत बन रहे ढोड़न बांध को लेकर विस्थापितों का विरोध लगातार जारी है। आंदोलन का आज आठवां दिन है, जहां प्रभावित ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक ढोड़न बांध, बिश्रामगंज बांध और मझगांव बांध से प्रभावित आदिवासी विस्थापित मुआवजे में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक वे अपना प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त कलेक्टर पन्ना आलोक मार्को और एसडीएम सतीश नागवंशी अपनी टीम के साथ आंदोलन स्थल पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से विस्तार से चर्चा की और उन्हें आश्वस्त किया कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार ही मुआवजा राशि का वितरण किया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि यदि मुआवजा वितरण में किसी भी प्रकार की विसंगति सामने आती है, तो उसकी जांच कर दोबारा सर्वे कराया जाएगा। उन्होंने आंदोलनकारियों से सभी दस्तावेजों की फोटो कॉपी उपलब्ध कराने को कहा, ताकि जांच कर सही स्थिति स्पष्ट की जा सके।
वहीं आंदोलनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें पहले न्याय चाहिए। उनका आरोप है कि कई मामलों में मुआवजा सही तरीके से नहीं दिया गया, जिससे प्रभावित परिवारों को नुकसान हुआ है।
दोनों बांधों के आदिवासी विस्थापितों के एक प्रतिनिधि को एसडीएम अपने साथ ले गए, जहां रिकॉर्ड की जांच के लिए दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि पारदर्शिता के साथ पूरी प्रक्रिया को दोबारा जांचा जाएगा।
(आंदोलनकारी – अमित भटनागर):
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने कहा कि यदि संवैधानिक तरीके से मुआवजा वितरण सही पाया गया, तो आंदोलन समाप्त कर दिया जाएगा। लेकिन दस्तावेजों का पूरा अवलोकन होने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल आंदोलन स्थल पर स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत जारी है।
अब देखना होगा कि दस्तावेजों की जांच के बाद क्या निष्कर्ष निकलता है और कब तक इस आंदोलन का समाधान निकल पाता है।


