खंडवा। शहर की जिला जेल के ठीक सामने स्थित राज्य कर (सेल्स टैक्स एवं जीएसटी) कार्यालय में रविवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने दो मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे दफ्तर में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड पूरी तरह जलकर खाक हो गए। गनीमत यह रही कि रविवार का अवकाश होने के कारण कार्यालय बंद था, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। हालांकि, आगजनी की इस घटना ने करोड़ों के राजस्व रिकॉर्ड को राख में तब्दील कर दिया है।


धुएं का गुबार देख दौड़े रहवासी, शटर तोड़कर बुझाई आग

घटना दोपहर करीब 2 बजे की है, जब स्थानीय निवासियों ने बिल्डिंग की ऊपरी मंजिल से काला धुआं और तेज लपटें उठती देखीं। तत्काल 'डायल 112' और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। मौके पर पहुँची कोतवाली पुलिस और दमकल की तीन गाड़ियों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दमकलकर्मियों को शटर तोड़कर अंदर घुसना पड़ा ताकि सामान को बचाया जा सके। जून 2023 में बनकर तैयार हुई इस नई इमारत का उद्घाटन तत्कालीन वित्त मंत्री राघवजी ने किया था, लेकिन महज तीन साल में ही यह हादसा हो गया।


रिकॉर्ड रूम स्वाहा, कंप्यूटर रूम सुरक्षित

इस आगजनी की सबसे खास और चौंकाने वाली बात यह रही कि आग की चपेट में मुख्य रूप से रिकॉर्ड रूम ही आया है। यहाँ रखे सेल्स टैक्स और जीएसटी से जुड़े पुराने और वर्तमान दस्तावेज पूरी तरह जल गए हैं। वहीं, बगल में स्थित कंप्यूटर रूम, जहाँ अधिकारी-कर्मचारी बैठते हैं, वह पूरी तरह सुरक्षित बताया जा रहा है। दो मंजिला इस इमारत के निचले हिस्से में जिला कार्यालय और ऊपरी मंजिल पर संभागीय (डिवीजन) कार्यालय संचालित होता था।


कारणों पर विरोधाभास: लापरवाही या तकनीकी खराबी?

आग लगने की वजह को लेकर फिलहाल दो अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं:

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी एवं प्रारंभिक जांच: परिसर में फैली सूखी झाड़ियों को साफ करने के लिए उनमें आग लगाई गई थी, जिसने तेज हवा के कारण बिल्डिंग को चपेट में ले लिया।

विभागीय पक्ष: जीएसटी की असिस्टेंट कमिश्नर ज्योति ब्रह्मे ने झाड़ियों की आग वाली बात को नकार दिया है। उनका कहना है कि झाड़ियों की सफाई कार्य दिवसों में कर्मचारियों की मौजूदगी में होती है। उनके अनुसार, आग की वजह संभवतः शॉर्ट सर्किट हो सकती है। उन्होंने बताया कि दफ्तर में अब "कुछ भी नहीं बचा है", सबकुछ जल गया है।


नुकसान का आकलन शुरू

पुलिस और फायर विभाग अब आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच कर रहे हैं। चूंकि यह कार्यालय जिले और संभाग के जीएसटी और सेल्स टैक्स का मुख्य केंद्र था, इसलिए दस्तावेजों के जलने से विभाग के कामकाज पर बड़ा असर पड़ सकता है। फिलहाल अधिकारी नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि कौन-कौन से महत्वपूर्ण केस और फाइलें इस आग की भेंट चढ़ गई हैं।