नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच उस समय तनाव बढ़ गया, जब प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च करने लगे। पुलिस ने मार्च की अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। कई लोगों के सिर फूटने की भी सूचना है।
बताया गया कि करीब 30 से 35 हजार प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे थे। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर पार्लियामेंट थाने तक पहुंच गए। हालात को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के बड़ी संख्या में जवान मौके पर तैनात किए गए। पुलिस का कहना है कि संसद मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी, इसलिए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका गया।
वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और उन्हें संसद मार्च करने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत किया जा रहा है।
इधर, 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक की जिम्मेदारी स्वीकार करे, CJP के प्रतिनिधिमंडल को संसद जाकर अपनी बात रखने की अनुमति दी जाए तथा सांसद इस मुद्दे को सदन में उठाने का आश्वासन दें। यदि स्वास्थ्य कारणों से यह संभव न हो तो सांसद सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर उन्हें यही भरोसा दें।




