मुंबई, 14 अप्रैल । मनोरंजन और स्पोर्ट्स की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाली मंदिरा बेदी आज उन चुनिंदा चेहरों में गिनी जाती हैं, जिन्होंने हर दौर में खुद को साबित किया है। चाहे टीवी सीरियल हो, क्रिकेट की दुनिया हो या फैशन का मंच, उन्होंने हर जगह अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उनके इस सफर में एक ऐसा समय भी आया, जब सोशल मीडिया इतना आम नहीं था, फिर भी उन्हें ट्रोलिंग और आलोचना का सामना करना पड़ा। मंदिरा बेदी का जन्म 15 अप्रैल 1972 को कोलकाता में हुआ था। बचपन से ही उन्हें एक्टिंग में दिलचस्पी थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने टीवी की दुनिया में कदम रखा, और 90 के दशक में लोकप्रिय शो 'शांति' से उन्हें बड़ी पहचान मिली। इस शो में उनका किरदार आत्मनिर्भर महिला का था, जिसने दर्शकों के दिल में खास जगह बना ली।
इसके बाद उन्होंने कई टीवी शोज में काम किया और धीरे-धीरे फिल्म और होस्टिंग की दुनिया में भी कदम रखा। लेकिन असली मोड़ तब आया, जब उन्हें क्रिकेट में प्रेजेंटर बनने का मौका मिला। साल 2003 में आईसीसी वर्ल्ड कप के दौरान उन्होंने स्पोर्ट्स एंकरिंग शुरू की, जो उस समय भारतीय टीवी के लिए एक नया एक्सपेरिमेंट था। यहां से उनका करियर एक नए स्तर पर पहुंच गया।
लेकिन इसी दौर में उन्हें आलोचना का सामना भी करना पड़ा। सबसे खास बात यह है कि यह ट्रोलिंग सोशल मीडिया के बिना भी होती थी। उदाहरण के तौर पर, 2003 के वर्ल्ड कप के दौरान कई लोगों ने उनके कपड़ों और स्टाइल पर सवाल उठाए। कहा गया कि वह क्रिकेट को ग्लैमर बना रही हैं और इससे खेल की गंभीरता कम हो रही है।
2007 के वर्ल्ड कप में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब उनकी एक साड़ी को लेकर विवाद हुआ। इस साड़ी में अलग-अलग देशों के झंडों का डिजाइन था, जिसे लेकर काफी आलोचना हुई और उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगनी पड़ी। यह घटना उस समय मीडिया में काफी चर्चा में रही।
इन सबके बावजूद, मंदिरा बेदी ने हार नहीं मानी। उन्होंने खुद को मजबूत बनाया और अपने काम पर ध्यान दिया। धीरे-धीरे, उन्होंने न सिर्फ स्पोर्ट्स एंकरिंग में पहचान बनाई, बल्कि लोगों का भरोसा और सम्मान भी हासिल किया। उन्होंने आईसीसी वर्ल्ड कप 2003 और 2007, चैंपियंस ट्रॉफी 2004 और 2006 और आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट्स को होस्ट किया।
निजी जीवन में भी मंदिरा ने कई उतार-चढ़ाव देखे। उन्होंने फिल्ममेकर राज कौशल से शादी की थी और दो बच्चों की मां बनीं, जिनमें से एक को उन्होंने गोद लिया। साल 2021 में उनके पति का निधन हो गया, जो उनके जीवन का सबसे कठिन समय था। इसके बावजूद उन्होंने खुद को संभाला और काम जारी रखा।














