भोपाल। मध्य प्रदेश में होने जा रहे नगरीय निकाय उपचुनाव 2026 को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है। भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी बिगुल फूंकते हुए अपने संगठन तंत्र को पूरी तरह एक्टिव मोड में डाल दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल के निर्देश पर प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन द्वारा तीन महत्वपूर्ण नगरीय निकायों—टीकमगढ़, कुक्षी और सुसनेर—के लिए चुनाव प्रभारियों की अधिकृत सूची जारी कर दी गई है।
पार्टी के इस रणनीतिक कदम से साफ जाहिर होता है कि उपचुनाव चाहे छोटा हो या बड़ा, भाजपा किसी भी मुकाबले को हल्के में लेने के मूड में नहीं है और 'माइक्रो मैनेजमेंट' के जरिए अपनी जीत सुनिश्चित करने की पूरी तैयारी में जुट गई है।
संभागवार सौंपी गई जिम्मेदारियां: किस रण में कौन संभालेगा मोर्चा?
भाजपा संगठन ने सागर, इंदौर और उज्जैन संभाग के तहत आने वाले जिलों में जातीय, क्षेत्रीय और संगठनात्मक संतुलन को साधते हुए कद्दावर नेताओं को दो-दो की जोड़ी में कमान सौंपी है:
- नगर पालिका टीकमगढ़ (सागर संभाग / टीकमगढ़ जिला):
बुंदेलखंड के सियासी तौर पर अहम टीकमगढ़ नगर पालिका में जीत का परचम लहराने के लिए संगठन ने सदानंद गौतम और गौरव सिरोठिया को प्रभारी नियुक्त किया है। सिरोठिया और गौतम की जोड़ी क्षेत्र में जमीनी कार्यकर्ताओं को लामबंद करने और स्थानीय समीकरणों को साधने का काम करेगी। - नगर परिषद कुक्षी (इंदौर संभाग / धार जिला):
आदिवासी बाहुल्य और राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील धार जिले की कुक्षी नगर परिषद के लिए भाजपा ने इंदौर की राजनीति के दिग्गज खिलाड़ी विधायक रमेश मेंदोला और युवा नेता गोलू शुक्ला पर भरोसा जताया है। मेंदोला को चुनावी प्रबंधन और कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने का माहिर खिलाड़ी माना जाता है, वहीं गोलू शुक्ला का युवा नेटवर्क कुक्षी में पार्टी की रणनीति को धार देगा। - नगर परिषद सुसनेर (उज्जैन संभाग / आगर मालवा जिला):
मालवा अंचल की सुसनेर नगर परिषद की चुनावी नैया पार लगाने के लिए पार्टी ने अनिल जैन और रवि सोलंकी को मोर्चे पर उतारा है। मालवा क्षेत्र में भाजपा के पारंपरिक जनाधार को एकजुट रखने और बूथ स्तर पर पकड़ मजबूत करने का जिम्मा इस जोड़ी के कंधों पर रहेगा।
शीर्ष नेतृत्व को भेजी गई प्रतिलिपि, संगठन ने कसी कमर
इस आदेश की प्रतिलिपि राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, प्रदेश सह प्रभारी व विधायक सतीश उपाध्याय सहित संबंधित सांसदों, विधायकों, संभाग प्रभारियों और जिला अध्यक्षों को भेजी गई है।
निकाय उपचुनाव को लेकर भाजपा का सियासी संदेश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नगरीय निकाय चुनाव सीधे तौर पर शहरी और कस्बाई मतदाताओं के मूड को दर्शाते हैं। नगर पालिका और नगर परिषदों पर कब्जे के जरिए भाजपा जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ को और अधिक पुख्ता करना चाहती है। प्रभारियों की घोषणा के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में टिकट वितरण, असंतोष थामने और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने की कवायद तेज हो जाएगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि विपक्षी खेमा भाजपा की इस चुनावी व्यूहरचना का मुकाबला किस रणनीति से करता है।




