चेन्नई। भाजपा तमिलनाडु के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने 12वीं कक्षा के छात्र से जुड़े पॉक्सो मामले, मदुरै में एक कार्यक्रम के दौरान बिजली कटौती और घरों के बिजली मीटर की रीडिंग आउटसोर्स करने की योजना पर प्रतिक्रिया दी।
नाबालिग छात्रा का यौन उत्पीड़न हुआ। स्टालिन और कई अन्य लोगों ने भी इसकी निंदा की है, लेकिन मुख्यमंत्री विजय ने वादा किया है कि वे महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे। नाबालिग बच्चों के खिलाफ हो रही इन घटनाओं के सिलसिले के बारे में उन्होंने शनिवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि तमिलनाडु में हर दिन ऐसा हो रहा है, खासकर स्कूली बच्चों के साथ।
स्कूली बच्चों के साथ ऐसा क्यों हो रहा है? इसके लिए कौन जिम्मेदार है? क्या सिर्फ पुलिस जिम्मेदार है? क्या सरकार या क्या समाज जिम्मेदार है? उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के पीछे हर कोई जिम्मेदार है। पुलिस, सरकार, माता-पिता और छात्र खुद जिम्मेदार हैं। असल में, हम एक बिल्कुल अलग दुनिया में जा रहे हैं, इसलिए मुझे लगता है कि लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। लड़कियों या स्कूली बच्चों को बाइक पर अगवा करना और ऐसी हरकतें करने की कोशिश करना दिखाता है कि कानून-व्यवस्था बिल्कुल भी नहीं है, इसलिए मुझे लगता है कि पुलिस को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
हम देख रहे हैं कि दोपहिया वाहनों की संख्या बहुत ज्यादा है और आजकल कोई चेकपॉइंट भी नहीं है, खासकर टीवीके सरकार के आने के बाद से। पुलिस को कुछ समझ नहीं आ रहा है, और हम देख रहे हैं कि बहुत से लोग नियमों को तोड़ रहे हैं। एक ही गाड़ी पर तीन लोग या तीन राइडर जा रहे हैं। नियमों का उल्लंघन बहुत आम हो गया है। कुल मिलाकर तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था बहुत खराब होती जा रही है। इन सब चीजों को रोकने के लिए हमारे पास एक भविष्य की सोच वाला प्लान या विजन होना चाहिए, लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि समाज को बदलना होगा।
सरकार का प्लान है कि हर घर से हर महीने रीडिंग लेने का काम प्राइवेट कंपनियों को दिया जाए। इसको लेकर उन्होंने कहा कि हमारे पास बहुत सारे कर्मचारी हैं और अगर वे कहते हैं कि उनके पास वर्कर नहीं हैं तो यह वाकई हैरानी की बात है, लेकिन सुधार तो होने ही चाहिए। केंद्र सरकार स्मार्ट मीटर लगाने पर जोर दे रही है। सरकार ने खुद स्मार्ट मीटरिंग की घोषणा की है। अगर स्मार्ट मीटरिंग आ जाती है तो यह समस्या हल हो जाएगी।
बिजली कटौती पर उन्होंने कहा कि इसको लेकर सरकार को सीनियर अफसरों से सलाह-मशविरा करना चाहिए। बिजली कटौती नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब सुख-सुविधाएं बढ़ती हैं तो बिजली की खपत भी बढ़ती है। नारायणन तिरुपति ने कहा कि मुझे लगता है कि तमिलनाडु सरकार को और तेजी से काम करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में बिजली कटौती न हो।














