पैलानी/बांदा। बांदा जिले के पैलानी क्षेत्र में वृद्धावस्था पेंशन योजना को लेकर एक चिंताजनक मामला सामने आया है। पिछले करीब सात महीनों से पेंशन की राशि खातों में न आने के कारण 70, 80 और 90 वर्ष की आयु पार कर चुके बुजुर्गों के सामने गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो गया है। दवाइयों से लेकर रोजमर्रा के जरूरी खर्चों के लिए तरस रहे लाचार बुजुर्गों ने अब मुख्यमंत्री से गुहार लगाकर जल्द भुगतान कराने की मांग की है।
फरवरी के बाद से खाली हैं खाते, भटकने को मजबूर बुजुर्ग
पेंशन धारक शांति देवी, अहमद अली, प्रताप भवन आदि ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उन्हें अंतिम बार फरवरी माह में वृद्धावस्था पेंशन मिली थी। पिछले सात महीनों से एक पैसा भी खाते में नहीं पहुंचा है। बुजुर्ग लगातार बैंकों और डाकघर के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन वहां से उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है।
चलने-फिरने में असमर्थ, दवा-इलाज के भी पड़े लाले
उम्र के इस पड़ाव पर कई बुजुर्ग गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और ठीक से चल-फिर भी नहीं सकते: कई पेंशन धारकों के परिवारों में कोई सहारा देने वाला नहीं है, जिससे वे समाज कल्याण विभाग के जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय तक जाने में भी असमर्थ हैं। पेंशन अचानक रुकने या लंबित होने का कोई एसएमएस या आधिकारिक संदेश भी लाभार्थियों के मोबाइल पर नहीं भेजा गया है।
बुजुर्गों ने मुख्यमंत्री से की शीघ्र हस्तक्षेप की मांग
लगातार बढ़ती परेशानियों से तंग आकर क्षेत्र के पीड़ित वृद्धजनों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इस मामले में तुरंत संज्ञान लेने की अपील की है। बुजुर्गों का कहना है कि ढलती उम्र में यह सरकारी पेंशन ही उनका एकमात्र सहारा है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि पात्र पेंशन धारकों के खातों और तकनीकी अड़चनों की शीघ्र जांच कराकर बकाया पेंशन का भुगतान तुरंत कराया जाए, ताकि उन्हें इलाज और जीवन-यापन के लिए राहत मिल सके।




