इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन उज्मा खान ने गुरुवार को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर कर अदालत के अवमानना मामले पर जल्द सुनवाई की मांग की है। यह याचिका 18 अगस्त के उस आदेश के पालन नहीं होने को लेकर दायर की गई है, जिसमें अदालत ने इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल स्थानांतरित करने का निर्देश दिया था।

उज्मा खान ने यह नई याचिका तब दाखिल की, जब सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना याचिका की सुनवाई 16 सितंबर के लिए निर्धारित कर दी। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि जेल में इमरान खान की सेहत लगातार बिगड़ रही है और उनका जीवन तथा स्वास्थ्य अत्यंत महत्वपूर्ण मामला है।

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उज्मा ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के 18 अगस्त के आदेश को जानबूझकर लागू नहीं किया गया और इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाने के बजाय पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) ले जाया गया।

याचिका में उन्होंने अदालत से अपने आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित कराने की मांग की। उनका कहना है कि अदालत के आदेश की लगातार अनदेखी कानून का जानबूझकर और खुला उल्लंघन है।

इससे पहले 25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने तत्काल सुनवाई की उनकी मांग खारिज कर दी थी। अब उज्मा खान ने अदालत से आग्रह किया है कि अवमानना याचिका पर सुनवाई इसी सप्ताह या अगले सप्ताह तय की जाए।

याचिका में कहा गया है कि अदालत के आदेशों का पालन न किया जाना इमरान खान के मौलिक अधिकारों, जीवन, स्वास्थ्य और शारीरिक सुरक्षा से सीधे जुड़ा मामला है।

गौरतलब है कि 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल स्थानांतरित करने और उनके परिवार से साप्ताहिक मुलाकात की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था।

इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) का दावा है कि उनके खिलाफ दर्ज मामले राजनीतिक प्रेरित हैं। 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से हटाए जाने के बाद से इमरान खान पर राज्य उपहार और अवैध विवाह सहित कई मामलों में कार्रवाई हुई है।

पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत ऐलिस जिल एडवर्ड्स ने भी इमरान खान की हिरासत की परिस्थितियों और उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने पर चिंता जताते हुए पाकिस्तान से उन्हें मानवीय परिस्थितियां और अपनी पसंद के डॉक्टर से इलाज की अनुमति देने की अपील की थी।