​नई दिल्ली, 04 दिसंबर (हि.स.)। फ्रेंच एयर एंड स्पेस फोर्स (एफएएसएफ) के साथ हवाई अभ्यास 'गरुड़' का समापन करके भारतीय वायु सेना की टुकड़ी भारत लौट आई है। फ्रांस के मोंट-डी-मार्सन एयर बेस पर हुए द्विपक्षीय हवाई अभ्यास 'गरुड़' में भारत और फ्रांस के लड़ाकू विमानों ने साथ उड़ान भरी। अभ्यास के दौरान दोनों वायु सेनाओं ने रियलिस्टिक ऑपरेशनल माहौल में कई मुश्किल एयर ऑपरेशन किए।

वायु सेना ने अभ्यास के दौरान सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों के साथ हिस्सा लिया, जिसे आईएल-78 एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट और सी-17 ग्लोबमास्टर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का सहयोग मिला। दोनों वायु सेनाओं ने वास्तविक परिचालन माहौल में कई मुश्किल एयर ऑपरेशन किए। अभ्यास के दौरान संयुक्त मिशन योजना, हमला और एस्कॉर्ट मिशन को समन्वित तरीके से पूरा करना और एक-दूसरे की परिचालन प्रक्रिया से परिचित कराना शामिल था, जिससे इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ी।

वायु सेना के मुताबिक भारत के मेंटेनेंस क्रू ने पूरे समय उच्च सेवाक्षमता सुनिश्चित की, जिससे सभी प्लान किए गए मिशन आसानी से पूरे हो सके। दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने समापन समारोह के दौरान प्रतिभागियों से बातचीत की और भाग लेने वाली दोनों वायु सेनाओं की व्यावसायिकता, अनुशासन और प्रतिबद्धता को सराहा।

अभ्यास 'गरुड़' इस साल वायु सेना का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय एयर ट्रेनिंग अभ्यासों में से एक था। इस अभ्यास ने भारत और फ्रांस के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदार को मान्य किया और फ्रेंच वायु सेना को कीमती ऑपरेशनल सुझाव दिए। अभ्यास के दौरान सीखे गए सबक भारत की युद्ध लड़ने की क्षमताओं को और बढ़ाएंगे और मित्र विदेशी एयर फोर्स के साथ संयुक्त कौशल को मजबूत करेंगे।