भोपाल | मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले प्री-मानसून गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण प्रदेश का मौसम पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग ने राजधानी भोपाल और संस्कारधानी जबलपुर समेत प्रदेश के 35 जिलों में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश का 'ऑरेंज और येलो अलर्ट' जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों में कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं, जबकि पूर्वी और मध्य हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। इस बदलाव से प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है।


पिछले 24 घंटों में 23 जिलों में आंधी के साथ बरसे बदरा

मौसम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के बड़े हिस्से में प्री-मानसून का असर देखा गया। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, गुना, अशोक नगर, सागर, दमोह, कटनी, छिंदवाड़ा, रीवा, जबलपुर, डिंडौरी, अनूपपुर, आगर-मालवा, ग्वालियर, मैहर, सतना और सिवनी जिलों में धूलभरी आंधी के साथ अच्छी बारिश दर्ज की गई। आंधी और हवा की रफ्तार ने कई शहरों में पेड़ों और होर्डिंग्स को नुकसान पहुंचाया। प्रदेश में सबसे तेज हवा सीहोर में 56 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दर्ज की गई। इसके अलावा राजधानी भोपाल में 55 किमी, सागर में 52 किमी, ग्वालियर और बैतूल में 43 किमी, आगर-मालवा, अशोकनगर और बड़वानी में 41 किमी तथा विदिशा में 39 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से अंधड़ चला। गुना, नर्मदापुरम और उज्जैन में भी 30 से 35 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं रिकॉर्ड की गईं।


आज इन 35 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम केंद्र ने आज मंगलवार को प्रदेश के जिन प्रमुख जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है, उनमें भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, सागर, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, पन्ना, सतना, मैहर, मऊगंज, रीवा, सीधी, सिंगरौली, अशोकनगर, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना और श्योपुर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने और गिरने की भी चेतावनी दी गई है।


बालाघाट और छिंदवाड़ा के रास्ते होगी मुख्य मानसून की एंट्री

मौसम विशेषज्ञों के ताजा अपडेट के अनुसार, इस बार मानसून दक्षिण-पूर्वी हिस्से से मध्य प्रदेश में प्रवेश करने के लिए पूरी तरह अनुकूल स्थिति में है। बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम तेजी से आगे बढ़ रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी कुछ दिनों के भीतर ही मानसून बालाघाट, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और इसके आसपास के सीमावर्ती जिलों के रास्ते मध्य प्रदेश की सीमा में दाखिल हो जाएगा, जिससे झमाझम बारिश का दौर शुरू होगा।


भोपाल का ट्रेंड: 14 साल में 7 बार नौतपा में बरसे बादल

राजधानी भोपाल के मौसम का एक दिलचस्प ट्रेंड भी सामने आया है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 14 वर्षों में 7 बार ऐसा हुआ है जब नौतपा के दौरान भोपाल में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि 2 बार केवल बूंदाबांदी होकर रह गई। इस साल भी नौतपा की शुरुआत बूंदाबांदी के साथ हुई थी। गौरतलब है कि वर्ष 2018 और 2019 में नौतपा के दौरान भोपाल में सबसे ज्यादा तपिश रही थी, जब औसत पारा 43 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया था। हालांकि, इस बार लगातार 9 दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहा और आंधी-बारिश का दौर अब भी लगातार जारी है।