नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनावों के बीच घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बुधवार के सत्र में कीमती धातुओं यानी सोने और चांदी की कीमतों में अच्छी तेजी देखने को मिली। निवेशकों की नजर अमेरिकी महंगाई के प्रमुख आंकड़ों पर टिकी हुई है, क्योंकि इन आंकड़ों से अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं। इसके अलावा सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी ने भी सोने की कीमतों को सहारा दिया है।मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स पिछले बंद भाव 1,53,765 रुपए की तुलना में 1,182 रुपए की तेजी के साथ 1,54,947 रुपए पर खुला। कारोबार के दौरान यह 0.77 प्रतिशत यानी 1,185 रुपए की बढ़त के साथ 1,54,950 रुपए के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया, जबकि इसका निचला स्तर 1,54,323 रुपए रहा।

वहीं, खबर लिखे जाने तक सोना 895 रुपए यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,54,660 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।

हालांकि, सोना अभी भी अपने इस वर्ष के रिकॉर्ड उच्च स्तर 1,80,779 रुपए प्रति 10 ग्राम से काफी नीचे बना हुआ है। इसके बावजूद हालिया तेजी ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।

सोने के साथ-साथ चांदी में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली। एमसीएक्स पर सितंबर डिलीवरी वाला सिल्वर फ्यूचर्स 2,35,659 रुपए के पिछले बंद भाव से 2,314 रुपए की बढ़त के साथ 2,37,973 रुपए पर खुला।

कारोबार के दौरान चांदी ने 1.10 प्रतिशत यानी 2,612 रुपए की बढ़त के साथ 2,38,271 रुपए प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर और 2,36,500 रुपए का निचला स्तर छुआ। खबर लिखे जाने तक चांदी 1,241 रुपए यानी 0.53 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,36,900 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। हालांकि यह अभी भी अपने वार्षिक रिकॉर्ड स्तर 4,20,048 रुपए प्रति किलोग्राम से काफी नीचे है।

वैश्विक बाजार में भी सोना और चांदी दोनों मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए। कॉमेक्स पर सोना 4,430 डॉलर प्रति औंस पर खुला और बाद में बढ़कर 4,473.50 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव की तुलना में 32.40 डॉलर की बढ़त दर्शाता है।

वहीं, कॉमेक्स पर चांदी 64.87 डॉलर प्रति औंस पर खुली और बाद में 65.90 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। चांदी में लगभग 0.97 डॉलर प्रति औंस की बढ़त दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों में कीमती धातुओं की मजबूती का असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बुधवार को जारी होने वाले अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आंकड़े निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण रहेंगे। यदि महंगाई में नरमी के संकेत मिलते हैं, तो फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें बदल सकती हैं।

हाल ही में अपेक्षा से कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद सितंबर में फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना घटकर 48 प्रतिशत रह गई है। हालांकि फेड अधिकारियों के बीच अभी भी मतभेद बने हुए हैं। शिकागो फेड के अध्यक्ष ऑस्टन गूल्सबी ने कहा है कि महंगाई अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है।

सोने और चांदी की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमतें भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अमेरिका-ईरान तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में अनिश्चितता और समुद्री जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।