खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक बेहद संवेदनशील और सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक तरफ जहां ईद के पावन पर्व पर मुस्लिम समाज के कुछ धड़ों द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की आवाज उठाई जा रही थी, वहीं दूसरी तरफ जिले के बड़ियातुला गांव में गाय की कुर्बानी दिए जाने की शर्मनाक घटना सामने आई है। इस गोहत्या की खबर मिलते ही जहां हिंदू समाज में भारी आक्रोश फैल गया और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया, वहीं स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला। मामले में तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने कुल 9 नामजद लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है, जिनमें से 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा चुकी है। इस घटना के बाद से शनिवार को शहर में दिनभर भारी धार्मिक और सियासी हलचल देखी गई।


रात के अंधेरे में खेत पर चल रही थी गोमांस बांटने की तैयारी

पुलिस जांच और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बड़ियातुला गांव के जिस खेत पर इस अवैध गोहत्या को अंजाम दिया गया और अवशेष बरामद हुए, वह खेत गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से ही एक का है। यहाँ बकायदा गाय को काटने के बाद आपस में गोमांस बांटने की पूरी तैयारी कर ली गई थी और सभी संलिप्त लोग अपना-अपना हिस्सा ले भी चुके थे। आरोपी गोमांस समेटकर अपने-अपने घर जाने की फिराक में ही थे कि तभी पड़ोस के गांव के रहने वाले कुछ हिंदू युवक वहां पहुंच गए। रात के अंधेरे में अचानक गाड़ियों की तेज लाइट अपने खेत की तरफ आती देखकर गोहत्या में शामिल आरोपियों के होश उड़ गए और वे मौके से भाग खड़े हुए। इस दौरान रमजान नामक एक आरोपी वहीं खड़ा रहा, लेकिन जैसे ही हिंदू युवक उसके बिल्कुल नजदीक पहुंचे, वह भी अपनी मोटरसाइकिल छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।


मौके से मिलीं दो बाइक, बाहरी कसाइयों के शामिल होने की आशंका

घटना की सूचना मिलते ही ग्राम सिहाड़ा के रहने वाले आक्रोशित हिंदू युवक मौके पर पहुंचे और वहां मिलीं दो मोटरसाइकिलों में जमकर तोड़फोड़ की। पुलिस ने घटनास्थल से इन दोनों बाइकों को जब्त कर लिया है। पूछताछ में एक बाइक आरोपी रमजान की होना सिद्ध हो चुकी है, लेकिन दूसरी लावारिस बाइक किसकी है, इसका सुराग लगाने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है क्योंकि पकड़ा गया कोई भी आरोपी इस बारे में मुंह खोलने को तैयार नहीं है। पुलिस ने जब उस दूसरी बाइक की नंबर प्लेट के आधार पर सर्चिंग की, तो वह अहमदपुर खैगांव निवासी एक हिंदू युवक के नाम पर दर्ज मिली। हालांकि, उस युवक ने बताया कि वह अपनी यह गाड़ी बहुत पहले ही एक शोरूम पर बेच चुका है, जिसके बाद पुलिस ने अब उस शोरूम संचालक को पूछताछ के लिए तलब किया है। इसके साथ ही आरोपी रमजान के मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) भी खंगाली जा रही है। सूत्रों का दावा है कि ईद पर गाय की कुर्बानी देने के लिए टिटगांव के पास खलखली गांव से दो शातिर कसाइयों को विशेष रूप से बुलाया गया था और यह दूसरी बाइक संभवतः उन्हीं की है, जिसे वे भागते समय वहीं छोड़ गए।


दो थानों की सीमाओं का फायदा उठा रहा था गो-तस्करी का नेटवर्क

इस पूरे मामले में एक बड़ा प्रशासनिक पेंच भी सामने आया है। गोहत्या, गोमांस की अवैध बिक्री और गोवंश तस्करी के लिए लंबे समय से कुख्यात मुंदवाड़ा गांव और उससे बिल्कुल सटा बड़ियातुला गांव भौगोलिक रूप से एक ही ग्राम पंचायत का हिस्सा हैं, लेकिन ये दोनों गांव अलग-अलग पुलिस थानों की सीमाओं में आते हैं। बड़ियातुला गांव शहरी क्षेत्र के मोघट रोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जबकि मुंदवाड़ा ग्रामीण क्षेत्र के जावर थाना क्षेत्र में आता है। यही वजह है कि दोनों थानों की बॉर्डर (सीमा) का फायदा उठाकर यह नेटवर्क अब तक पुलिस के बड़े एक्शन से बचता आ रहा था। जिस खेत पर इस बार गोहत्या की गई, वह भी दोनों थानों की सरहद पर स्थित है। हालांकि, इस बार मोघट रोड थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए पूरी जिम्मेदारी संभाली और त्वरित कार्रवाई की।


2 नामजद आरोपी अब भी फरार, पुलिस टीमें दे रहीं दबिश

मोघट रोड थाना पुलिस ने इस मामले में कुल 9 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें से 7 सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। मामले में 2 मुख्य आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं, जिनके खिलाफ पूर्व में भी गो-तस्करी और आबकारी के गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं। फरार आरोपियों की पहचान खलील ठेकेदार (निवासी बड़ियातुला) और गब्बर (निवासी मुंदवाड़ा) के रूप में हुई है। मोघट रोड थाना प्रभारी (TI) धीरेश धारवाल के मुताबिक, फरार चल रहे दोनों आदतन अपराधियों का सुराग लगाने और उनकी जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की विशेष टीमें अलग-अलग ठिकानों पर लगातार सर्चिंग और दबिश दे रही हैं। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है।