गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को सिलीगुड़ी कॉरिडोर से होकर बनने वाली प्रस्तावित अंडरग्राउंड रेलवे टनल का स्वागत किया। उन्होंने इसे एक गेम-चेंजिंग पहल बताया, जिससे नॉर्थईस्ट और देश के बाकी हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी और यात्रियों और सामान की बिना रुकावट आवाजाही सुनिश्चित होगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में सीएम सरमा ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट भारत के नॉर्थईस्ट के साथ रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा। यह क्षेत्र लंबे समय से जमीनी कनेक्टिविटी के लिए संकरे सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर निर्भर रहा है, जिसे अक्सर 'चिकन नेक' कहा जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दूरदर्शी प्रस्ताव राष्ट्रीय एकता और संतुलित क्षेत्रीय विकास के प्रति केंद्र की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने पोस्ट में लिखा, "सिलीगुड़ी कॉरिडोर के जरिए प्रस्तावित अंडरग्राउंड रेलवे टनल नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र से कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी और यात्रियों और सामान की आवाजाही के लिए एक निर्बाध लिंक प्रदान करेगी। इस गेम-चेंजिंग विचार की कल्पना करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार।"
मुख्यमंत्री ने कई मौकों पर सिलीगुड़ी कॉरिडोर की रणनीतिक कमजोरी पर प्रकाश डाला है, जो जमीन का एक संकरा हिस्सा है जो नॉर्थईस्ट को मुख्य भारत से जोड़ता है।
उन्होंने इसे न सिर्फ एक लॉजिस्टिकल लाइफलाइन बताया है, बल्कि एक संवेदनशील राष्ट्रीय सुरक्षा जोन भी कहा है। उन्होंने इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधि और आवाजाही की सुरक्षा के लिए कई, मज़बूत कनेक्टिविटी विकल्पों की जरूरत पर जोर दिया है।
उन्होंने पहले भी बताया था कि एक ही सतह वाले कॉरिडोर पर निर्भर रहने से प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं या दूसरी रुकावटों के दौरान जोखिम होता है, जिससे पूर्वोत्तर पूरी तरह से कट सकता है। उन्होंने हर समय बिना किसी रुकावट के पहुंच सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक रास्तों और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर समाधानों, जिसमें सुरंगें और बेहतर रेल और सड़क नेटवर्क शामिल हैं, की वकालत की है।
अधिकारियों ने कहा कि प्रस्तावित भूमिगत रेलवे सुरंग सिलीगुड़ी कॉरिडोर के जरिए एक सुरक्षित, हर मौसम में इस्तेमाल होने वाला रास्ता प्रदान करके ऐसी कमजोरियों को काफी हद तक कम कर देगी।
इस प्रोजेक्ट से सामान और कच्चे माल के तेज और ज्यादा भरोसेमंद ट्रांसपोर्टेशन को सुनिश्चित करके पूर्वोत्तर में व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि नॉर्थईस्ट में कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर केंद्र का फोकस उसकी बड़ी एक्ट ईस्ट और विकसित भारत की सोच के साथ मेल खाता है, जिससे यह क्षेत्र दक्षिण पूर्व एशिया के लिए एक गेटवे बन जाएगा।
हाईवे, रेलवे, पुल और जलमार्गों में पहले से ही बड़े निवेश हो रहे हैं, ऐसे में प्रस्तावित सुरंग को नॉर्थईस्ट को भारत की आर्थिक मुख्यधारा में पूरी तरह से जोड़ने की दिशा में एक और रणनीतिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
असम सरकार का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से विकास के नए मौके खुलेंगे, साथ ही चिकन नेक कॉरिडोर से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही इंफ्रास्ट्रक्चर और रणनीतिक चिंताओं को भी दूर किया जा सकेगा।
सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर रेलवे टनल से पूर्वोत्तर के बाकी हिस्सों से कनेक्टिविटी मजबूत होगी: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा
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Saurabh Shukla
16 सितंबर 2026, 03:49 am IST
Saurabh Shukla16 सितंबर 2026, 03:49 am IST
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