बेंगलुरु। कन्नड़ अभिनेता दर्शन ने फैन रेणुकास्वामी मर्डर केस में ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उन्हें गवाहों के बयान दर्ज किए जाने के दौरान अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश करने की उनकी मांग खारिज कर दी गई थी।दर्शन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है कि जब मामले में गवाहों के बयान दर्ज हों, तब उन्हें जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बजाय अदालत के सामने शारीरिक रूप से पेश किया जाए। यह याचिका अगले कुछ दिनों में हाईकोर्ट की पीठ के सामने सुनवाई के लिए आ सकती है। फिलहाल मामले की सुनवाई बेंगलुरु की 59वीं सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट में चल रही है।

दर्शन ने सोमवार को कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि आरोपी को अदालत में गवाहों के बयान सुनने और उन्हें सामने से देखने का अधिकार है। उन्होंने तर्क दिया कि जब कोई गवाह अदालत में अपना बयान दर्ज कराता है, तो उस समय आरोपी की मौजूदगी होनी चाहिए।

दर्शन ने यह भी दलील दी है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चल रही कार्यवाही के दौरान उन्हें कई तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

दरअसल, ट्रायल कोर्ट ने दर्शन को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश करने की मांग पहले ही खारिज कर दी थी। अदालत ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कहा था कि दर्शन को जेल से कोर्ट तक लाने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती करनी पड़ेगी। इससे अदालत परिसर में भीड़ बढ़ सकती है और सुरक्षा व्यवस्था को संभालना मुश्किल हो सकता है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि पहले भी ऐसी स्थिति सामने आ चुकी है और इस तरह की व्यवस्था से अदालत के प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ सकता है।

अब दर्शन ने हाईकोर्ट में अपनी याचिका के जरिए इसी फैसले को चुनौती दी है। याचिका में कहा गया है कि बेंगलुरु सेंट्रल जेल और अदालत में इस्तेमाल हो रही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग व्यवस्था में समय-समय पर जरूरी तकनीकी सुधार नहीं किए गए हैं। इसकी वजह से सुनवाई के दौरान तकनीकी परेशानियां आती हैं। इन दिक्कतों के कारण वह गवाहों के बयान ठीक से सुन नहीं पाते और कई बार अपने वकीलों से भी जरूरी बातचीत नहीं कर पाते।

दर्शन ने अपनी याचिका में कहा है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान वह अपने वकीलों को जरूरी निर्देश देने या गवाह के बयान के समय आपत्ति दर्ज कराने जैसी बातों में ठीक से हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं। आरोपी के लिए यह जरूरी है कि वह गवाह की गवाही को सुने और देखे, ताकि जरूरत पड़ने पर अपने वकीलों को निर्देश दे सके। इसी आधार पर उन्होंने जेल अधिकारियों को उचित व्यवस्था करने का निर्देश देने की मांग की है।

इस मामले की सुनवाई बेंगलुरु की अदालत में चल रही है और अब तक 23 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। मामले में दर्शन के साथ उनकी साथी और अभिनेत्री पवित्रा गौड़ा समेत कुल 17 आरोपी मुकदमे का सामना कर रहे हैं। यह मामला जून 2024 में 33 वर्षीय रेणुकास्वामी की हत्या से जुड़ा है।

चित्रदुर्ग के रहने वाले रेणुकास्वामी दर्शन के फैन थे। आरोप है कि उन्होंने पवित्रा गौड़ा को आपत्तिजनक संदेश भेजे थे। इसके बाद उन्हें कथित तौर पर अगवा करके बेंगलुरु की एक शेड में ले जाया गया, जहां उनके साथ मारपीट और प्रताड़ना दी गई। बाद में उनका शव एक नाले के पास फेंके जाने का आरोप है। मामले में पुलिस ने दर्शन, पवित्रा गौड़ा और अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी।

वहीं, पवित्रा गौड़ा ने हाल में अपनी जेल बैरक बदलने के लिए बेंगलुरु की अदालत में याचिका दायर की थी। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और एलर्जी का हवाला देते हुए बैरक बदलने की मांग की थी।