"साहब, बेटियों की शादी है, रास्ता मत खोदो": छतरपुर में माफियाओं के आगे गिड़गिड़ाती रहीं महिलाएं, बदले में मिलीं लाठियां और गालियां!

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छतरपुर (विनोद मिश्रा)। बुंदेलखंड के छतरपुर जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। ओरछा रोड थाना क्षेत्र के धामची गांव में अवैध बालू उत्खनन का विरोध करने पर दबंग माफियाओं ने न केवल महिलाओं की गुहार अनसुनी की, बल्कि उनके साथ बेरहमी से मारपीट और अभद्रता भी की। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा इस घटना का वीडियो रोंगटे खड़े कर देने वाला है।
"हमारी बेटियों की शादी है..." – गिड़गिड़ाती रहीं महिलाएं
वायरल वीडियो में गांव की बेबस महिलाएं हाथ जोड़कर माफियाओं के सामने गिड़गिड़ाती नजर आ रही हैं। उनका दर्द कलेजा चीर देने वाला है। महिलाएं कह रही हैं, “साहब, हमारे घर के सामने का रास्ता मत खोदो, हमारी बेटियों की शादी होनी है, बारात कैसे आएगी?” लेकिन सत्ता और पैसे के नशे में चूर माफियाओं पर इन आंसुओं का कोई असर नहीं हुआ। उलटा, आरोपियों ने घर में घुसकर महिलाओं पर डंडों से हमला कर दिया और उन्हें जमकर पीटा।
गांव के रास्तों पर 'जेसीबी' का पंजा
ग्रामीणों का आरोप है कि बालू माफिया अब नदी-नालों को छोड़कर गांव की बसावट तक पहुँच गए हैं। लक्ष्मण यादव, राम यादव और उनके साथियों पर आरोप है कि वे जबरन गांव के मुख्य रास्तों और घरों के पास से मिट्टी-बालू निकाल रहे हैं। भारी उत्खनन की वजह से सड़कों के नीचे की मिट्टी धंसने लगी है, जिससे पूरे गांव का आवागमन ठप होने की कगार पर है।
राजनीतिक संरक्षण और पुलिस की 'सुस्ती'?
हैरानी की बात यह है कि घटना का वीडियो वायरल होने और पीड़ित परिवार द्वारा ओरछा रोड थाने में शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद, अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का खुला आरोप है कि इन माफियाओं को ऊंचा राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण वे कानून को ठेंगे पर रखते हैं। एफआईआर दर्ज न होने से पीड़ित परिवार अब दहशत में है और अपनी सुरक्षा की गुहार लगा रहा है।
पुलिस का पक्ष
मामले में ओरछा रोड थाना पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में है और उसकी सत्यता की जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


