भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। भाजपा सूत्रों के मुताबिक, हिंदू नववर्ष यानी नव संवत्सर के शुभ अवसर पर प्रदेश को नए मंत्रियों की सौगात मिल सकती है। वर्तमान में 31 सदस्यीय मंत्रिमंडल में 4 पद रिक्त चल रहे हैं, जिन्हें भरने के लिए आलाकमान स्तर पर मंथन का दौर अंतिम चरण में है। इस संभावित विस्तार की खबर ने मंत्री पद की आस लगाए बैठे विधायकों की धड़कनें तेज कर दी हैं और भोपाल से दिल्ली तक जोर आजमाइश का दौर शुरू हो गया है।
सीनियर विधायकों का बढ़ेगा कद, परफॉर्मेंस पर गिरेगी गाज
इस बार के विस्तार में केवल नए चेहरों को शामिल करना ही चुनौती नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को मजबूत करना भी प्राथमिकता है। दिसंबर 2023 में हुए गठन के समय कई पहली बार के विधायकों को राज्यमंत्री बनाया गया था, जिससे कई सीनियर विधायक हाशिए पर महसूस कर रहे थे। चर्चा है कि इस बार अनुभवी चेहरों को कैबिनेट में जगह देकर प्रशासनिक मजबूती पर ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही, मौजूदा मंत्रियों के दो साल के कामकाज की 'रिपोर्ट कार्ड' भी तैयार की गई है। खराब प्रदर्शन वाले कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है या उनके प्रभार वाले जिलों में फेरबदल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी से दिल्ली में की मुलाकात
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को मध्य प्रदेश की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया और विभिन्न केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। दिल्ली दौरे पर हुई इस उच्चस्तरीय बैठक को राज्य के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दिल्ली दरबार में हुई चर्चा, बड़े बदलावों के संकेत
पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ ही वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल की भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से हुई मुलाकातों ने इन कयासों को और हवा दी है। सियासी गलियारों में यह भी चर्चा है कि कुछ वरिष्ठ मंत्रियों को आने वाले दिनों में केंद्रीय संगठन में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, जिससे कैबिनेट में और जगह खाली होगी। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी गुड़ी पड़वा के मौके पर नए मंत्रियों का ऐलान होने की पूरी संभावना है।
कैबिनेट का वर्तमान गणित
कुल पद: 35 (अधिकतम क्षमता)
वर्तमान सदस्य: 31 (मुख्यमंत्री सहित)
रिक्त पद: 04
संरचना: 02 उप मुख्यमंत्री, 20 कैबिनेट मंत्री, 06 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 04 राज्यमंत्री।
भाजपा का लक्ष्य इस विस्तार के माध्यम से आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए एक सशक्त और संतुलित टीम खड़ा करना है। अब देखना यह होगा कि नव संवत्सर पर किन विधायकों की किस्मत चमकती है और किसका पत्ता साफ होता है।



