सोल। दक्षिण कोरिया लंबे समय से घटते जन्मदर और कम होती युवा आबादी की चुनौती से जूझ रहा है। ऐसे में सरकार अब यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि शादी और परिवार शुरू करने का फैसला युवाओं के लिए आर्थिक रूप से नुकसानदेह साबित न हो। यही वजह है कि राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने सरकार उन नीतियों की समीक्षा करने का फैसला किया है, जिनकी वजह से युवा दंपतियों को शादी का पंजीकरण कराने के बाद आवास ऋण और कल्याणकारी योजनाओं में नुकसान उठाना पड़ता है। शनिवार को उन्होंने इसे लेकर बयान जारी किया।

राष्ट्रपति ली का यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में चिंता बढ़ रही है कि कुछ युवा जोड़े शादी का पंजीकरण कराने से इसलिए बच रहे हैं या उसे टाल रहे हैं क्योंकि शादी के बाद दोनों की आय और संपत्ति को एक साथ जोड़ने से वे आवास ऋण, घर से जुड़ी सरकारी योजनाओं और सामाजिक कल्याण लाभ प्राप्त करने की उनकी पात्रता कम हो सकती है।

ली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सरकारी नीतियों के कारण युवाओं को शादी करने से कभी हतोत्साहित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शादी के बाद युवा दंपतियों को होने वाली किसी भी संभावित असुविधा या नुकसान की सरकार पूरी तरह समीक्षा करेगी।

राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने की अपनी जिम्मेदारी निभाएगी कि शादी किसी तरह का बोझ न बने, बल्कि युवाओं के लिए उम्मीद से भरी नई शुरुआत साबित हो।

ली ने बताया कि सरकार इस समस्या के समाधान के लिए प्रस्तावित कई उपायों की भी समीक्षा करेगी। इनमें नवविवाहित जोड़ों के लिए विशेष आवास आवंटन योजनाओं में पात्रता की शर्तों को आसान बनाना शामिल है।

इस मुद्दे पर ली ने इससे पहले फरवरी में राष्ट्रपति कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान भी अधिकारियों को निर्देश दिए थे। उन्होंने ऐसी सरकारी नीतियों की समीक्षा करने को कहा था, जिनके कारण आवास ऋण और अन्य संबंधित योजनाओं में विवाहित जोड़ों को अविवाहित लोगों की तुलना में नुकसान हो सकता है।