छत्तीसगढ़ /रायगढ़ (रोहित तिर्की)। जिले में बैंक परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और संभावित आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से पुलिस ने सभी थाना क्षेत्रों में स्थित बैंकों का औचक निरीक्षण किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में पुलिस टीमों ने बैंकों में सुरक्षा मानकों और आपातकालीन तैयारियों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बैंक प्रबंधकों से सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी लेते हुए परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे, अलार्म सिस्टम, फायर सेफ्टी उपकरण, स्ट्रांग रूम, प्रवेश नियंत्रण और सुरक्षा गार्डों की व्यवस्था की जांच की। सुरक्षा निरीक्षण रजिस्टर का भी अवलोकन किया गया और जहां कमियां मिलीं, उन्हें दर्ज कर जल्द सुधार के निर्देश दिए गए।
पुलिस ने बैंक प्रबंधन को सभी सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे चालू और रिकॉर्डिंग मोड में रखने के निर्देश दिए। कैमरों की गुणवत्ता ऐसी रखने को कहा गया है, जिससे बैंक में आने-जाने वाले लोगों के चेहरे स्पष्ट दिखाई दें। साथ ही सीसीटीवी फुटेज कम से कम 90 दिनों तक सुरक्षित रखने और फायर एक्सटिंग्विशर, अलार्म सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच व सर्विसिंग कराने के निर्देश दिए गए।
बैंकों में तैनात सुरक्षा गार्डों के प्रशिक्षण, हथियारों के लाइसेंस और उनकी वैधता की भी जांच की गई। गार्डों को ड्यूटी के दौरान सतर्क रहने, संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु पर नजर रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना देने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधिकारियों ने बैंक खुलने और बंद होने के समय विशेष सतर्कता बरतने के साथ बड़ी नकदी के परिवहन के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने को कहा। बैंक और एटीएम के आसपास संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी तथा जरूरत पड़ने पर पुलिस का सहयोग लेने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा ग्राहकों और कर्मचारियों को साइबर ठगी, फर्जी केवाईसी, फिशिंग लिंक और फर्जी कॉल जैसे बैंकिंग फ्रॉड के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। बैंक परिसरों में आपातकालीन संपर्क नंबर और स्थानीय थाने का नंबर प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रायगढ़ पुलिस के मुताबिक बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए इस तरह के औचक निरीक्षण आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे, ताकि बैंक परिसरों में अपराधों की प्रभावी रोकथाम के साथ नागरिकों को सुरक्षित वातावरण में बैंकिंग सेवाएं मिल सकें।




