चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को विधानसभा में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परंदूर में बनने वाले प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को छोड़ रही है और अब ऐसी वैकल्पिक जगह की तलाश करेगी जिससे किसानों और स्थानीय लोगों को कम से कम परेशानी हो।विधानसभा में बोलते हुए सीएम विजय ने कहा कि यह फैसला परंदूर और आसपास के गांवों में कृषि भूमि, जलस्रोतों और रिहायशी बस्तियों पर पड़ने वाले असर को लेकर जताई गई चिंताओं के बाद लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने माना कि चेन्नई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के तेजी से विस्तार, बढ़ते यात्री ट्रैफिक और कार्गो परिवहन की बढ़ती मांग के कारण चेन्नई को दूसरे एयरपोर्ट की जरूरत है। हालांकि उन्होंने कहा कि इतना बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट किसानों की आजीविका की कीमत पर या बड़े पैमाने पर लोगों के विस्थापन के कारण नहीं होना चाहिए।
फिलहाल मींनंबक्कम में मौजूद चेन्नई एयरपोर्ट, जो भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा संचालित है, सालाना लगभग 3 करोड़ यात्रियों को संभाल सकता है।
सीएम विजय ने पिछली सरकार पर आरोप लगाया कि उसने लोगों के लगातार विरोध के बावजूद परंदूर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की कोशिश की। उन्होंने याद दिलाया कि वे 20 जनवरी 2025 को एकनापुरम और आसपास के गांवों में उन लोगों से मिलने गए थे जो एयरपोर्ट के लिए अपनी जमीन के अधिग्रहण का विरोध कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अक्टूबर 2024 में विक्रवांडी में एक बैठक के दौरान भी इस प्रोजेक्ट का खुलकर विरोध किया था।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार औद्योगिक विकास और बेहतर विमानन सुविधाओं के पक्ष में है, लेकिन परंदूर एयरपोर्ट के लिए सही जगह नहीं है।
सीएम विजय ने बताया कि सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों, विमानन विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और अन्य एक्सपर्ट्स से सलाह लेने के बाद यह फैसला लिया है। नए एयरपोर्ट की जगह तय करने से पहले अब वैकल्पिक जगहों पर तकनीकी व्यवहार्यता अध्ययन किए जाएंगे।
बता दें कि तकनीकी व्यवहार्यता अध्ययन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा यह जांचा जाता है कि किसी नई परियोजना, उत्पाद या साॅफ्टवेयर को उपलब्ध तकनीक, उपकरणों और संसाधनों की मदद से सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकता है या नहीं।
उन्होंने विधानसभा में कहा, "जैसा वादा किया था, परंदूर में नया एयरपोर्ट स्थापित करने के लिए शुरू किए गए उपायों को यह सरकार छोड़ देगी।"
इस बीच राज्य सरकार मींनंबक्कम एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ मिलकर काम करेगी। एयरपोर्ट के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में नया टर्मिनल 5 बनाने का प्रस्ताव है, साथ ही कनेक्टिविटी सुधारने के लिए अतिरिक्त सड़कें और फ्लाईओवर भी बनेंगे। फिलहाल बन रहे टर्मिनल 3 के पूरा होने से एयरपोर्ट की सालाना क्षमता बढ़कर 3.5 करोड़ हो जाएगी। टर्मिनल 5 के शुरू होने के बाद इसमें 2 करोड़ और जुड़ जाएंगे, जिससे कुल क्षमता सालाना 5.5 करोड़ हो जाएगी।
सीएम विजय ने कहा कि यह विस्तार तब तक चेन्नई की बढ़ती विमानन जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा, जब तक किसी दूसरी उपयुक्त जगह पर दूसरा एयरपोर्ट नहीं बन जाता।




