धार। धार जिले के रेल इतिहास में 8 सितंबर 2026 का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। आजादी के बाद पहली बार जिले में यात्री रेल सेवा का औपचारिक आगाज हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा से वर्चुअल माध्यम से प्रतापनगर-वडोदरा और टांडा रोड के बीच नई मेमू (MEMU) यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना के जोबट-टांडा रोड नई रेल लाइन हिस्से का भी भव्य शुभारंभ हुआ।


टांडा रोड स्टेशन पर जश्न का माहौल, केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर रहीं मौजूद

इस ऐतिहासिक मौके पर टांडा रोड स्टेशन को दुल्हन की तरह सजाया गया था। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं धार-महू सांसद सावित्री ठाकुर विशेष रूप से मौजूद रहीं। केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि सुरक्षित वातावरण में काम करना हर कर्मचारी का अधिकार है। सुरक्षा केवल एक नियम नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है। स्थानीय नागरिकों ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह रेल लाइन आदिवासी बहुल अंचल में व्यापार, रोजगार और आर्थिक समृद्धि के नए द्वार खोलेगी।


18 साल 7 महीने के लंबे इंतजार के बाद साकार हुआ सपना

छोटा उदयपुर-धार (157 किमी) नई रेल लाइन परियोजना की आधारशिला तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 8 फरवरी 2008 को झाबुआ में रखी थी। लगभग 18 साल 7 महीने बाद इस परियोजना के जोबट-टांडा रोड हिस्से पर ट्रेन चलना शुरू हुई है। हाल ही में टांडा रोड से डेकाकुंड तक 16 किलोमीटर नई रेल लाइन तैयार की गई है। 12 कोच वाली यह मेमू ट्रेन मध्य प्रदेश के धार व अलीराजपुर को सीधे गुजरात के छोटा उदयपुर और वडोदरा से जोड़ेगी, जिससे छात्रों, व्यापारियों और मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।


जिले में पहुंची रेल, लेकिन जिला मुख्यालय धार शहर अभी 46 किमी दूर

भले ही धार जिले का रेल का सूखा खत्म हो गया हो, लेकिन जिला मुख्यालय धार शहर के लोगों का इंतजार अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है: टांडा रोड से तिरला-धार की ओर करीब 46 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण कार्य अभी बाकी है। धार शहर को रेल से जोड़ने के लिए इंदौर-दाहोद प्रोजेक्ट के तहत धार-पीथमपुर रेल लाइन का ट्रायल पूरा हो चुका है, लेकिन नियमित यात्री सेवा शुरू होना बाकी है।


आठ दशकों के लंबे इंतजार के बाद टांडा रोड तक ट्रेन पहुंचने से गुजरात का सफर बेहद आसान हो गया है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि जल्द ही जिला मुख्यालय धार शहर भी सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा।