टीकमगढ़, मोहसिन अहमद। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जिला जेल टीकमगढ़ में भावुक माहौल देखने को मिला। जेल में बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में बहनें और परिजन पहुंचे। किसी की आंखों में खुशी के आंसू थे तो किसी के चेहरे पर भाई के जल्द घर लौटने की उम्मीद नजर आई। राखी बांधते समय कई बहनों ने भाइयों से वचन लिया कि जेल से बाहर आने के बाद वे दोबारा ऐसी गलती नहीं करेंगे, जिससे परिवार को फिर इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़े।
रक्षाबंधन को लेकर जेल परिसर में विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। बंदियों के परिजनों के लिए मिठाई और तिलक की व्यवस्था की गई। बारिश को देखते हुए जेल के बाहर टेंट, कुर्सियां और बैठने की व्यवस्था भी की गई, ताकि दूर-दराज से आने वाले परिजनों को परेशानी न हो।
मुलाकात के दौरान भाई-बहनों के बीच भावुक कर देने वाले दृश्य देखने को मिले। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया, कलाई पर राखी बांधी और मिठाई खिलाकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। वहीं भाइयों ने भी बहनों की रक्षा और उनके सम्मान का संकल्प लिया। जेल की चारदीवारी के बीच कुछ देर के लिए ऐसा माहौल बना, मानो परिवार फिर से एक साथ आ गया हो।
300 से अधिक परिजन पहुंचे
उप अधीक्षक ए.के. शुक्ला ने बताया कि रजिस्ट्रेशन के माध्यम से बंदियों की उनके परिजनों से मुलाकात कराई जा रही है। रक्षाबंधन के अवसर पर 300 से अधिक परिजन जिला जेल पहुंचे। इनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी शामिल रहे।
जेल अधीक्षक यजुवेंद्र बाघमारे के निर्देशन में पर्व को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की गईं। जेल परिसर के अंदर फर्श पर बैठकर भाई-बहनों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ रक्षाबंधन मनाया। इस दौरान राखी के धागे के साथ बहनों की उम्मीद और भाइयों से किए गए वादों ने पर्व को भावुक बना दिया।




