कोलकाता। केंद्रीय कोयला और खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सोमवार को कहा कि देश में बिजली संयंत्रों के पास कोयले की कमी नहीं है और सड़क एवं रेल पर्याप्त आपूर्ति की जा रही है।उन्होंने एक सवाल के जबाव में कहा कि अस्थायी व्यवधान को कोयले की कमी से जोड़कर देखना सही नहीं है, क्योंकि वर्तमान में स्थिति सामान्य बनी हुई है। सड़क एवं रेल पर्याप्त आपूर्ति की जा रही है।

रेड्डी ने कहा कि कमजोर मानसून की वजह से पनबिजली उत्पादन घटने और बारिश से कोयला खनन के काम पर असर पड़ने के कारण थर्मल पावर की मांग में लगभग 12-15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

उन्होंने कहा, " हालांकि, स्थिति सामान्य है। कोई तनाव नहीं है।"

बिजनेस चैंबर 'एसोचैम' द्वारा आयोजित 'अंगुल एल्युमीनियम रोडशो' के दौरान रेड्डी ने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल का कोयला उद्योग सालों तक "जंगल राज" और माफिया के कब्जे की वजह से नुकसान झेलता रहा है, और केंद्र सरकार पारदर्शिता लाने और राज्य की आय बढ़ाने के लिए सुधारों को आगे बढ़ा रही है।

केंद्रीय मंत्री कोलकाता में सरकारी माइनिंग कंपनी 'कोल इंडिया लिमिटेड' के कामकाज, प्रोजेक्ट की प्रगति और मानसून के बाद कोयले की आपूर्ति की दो दिनों तक व्यापक समीक्षा कर रहे हैं।

कोल इंडिया ने बेहतर क्षमता, सुरक्षा और सस्टेनेबिलिटी के लिए अंडरग्राउंड (यूजी) और ओपन-कास्ट (ओसी) दोनों तरह के ऑपरेशन्स को आधुनिक बनाने की दिशा में रणनीतिक बदलाव किए हैं। कंपनी पारंपरिक माइनिंग टेक्नोलॉजी और तरीकों को छोड़कर तेजी से ज्यादा एडवांस्ड टूल्स और तौर-तरीकों को अपना रही है।

कोयला मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, एडवांस्ड डिजिटल तकनीकें – जैसे आईओटी, एआई और डेटा एनालिटिक्स – खतरों को कम कर रही हैं, रिकवरी रेट्स में सुधार कर रही हैं और प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, स्मार्ट कंट्रोल रूम, ऑटोमेटेड डिस्पैच और 'स्मार्ट माइन्स' जैसी सुविधाओं को संभव बना रही हैं।