मंदसौर, ललित शंकर धाकड़ । सीतामऊ नगर में निर्माणाधीन पुलिया के पास शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसे में करीब 50 वर्षीय व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। बेरीगेट का सहारा लेते समय अचानक उसके खिसकने से व्यक्ति 8 से 10 फीट गहरी निर्माणाधीन पुलिया में जा गिरा। नीचे पड़ा करीब साढ़े तीन फीट लंबा सरिया उसकी आंख के पास से चेहरे में घुसकर कान के पीछे से बाहर निकल गया। गंभीर हालत में घायल को पहले सीतामऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर मंदसौर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
जानकारी के अनुसार परमानंद कथिरिया गरोठ में अपने साले के ढाबे पर काम करते हैं। शुक्रवार रात करीब 10 बजे वे बस से सीतामऊ पहुंचे और पैदल अपने घर जा रहे थे। घर से करीब आधा किलोमीटर पहले निर्माणाधीन पुलिया के पास लगे बेरीगेट का उन्होंने सहारा लिया। इसी दौरान बेरीगेट अचानक खिसक गया और परमानंद उसके साथ नीचे जा गिरे।
नीचे गिरते ही वहां पड़ा सरिया उनकी आंख के पास से चेहरे में घुस गया और कान के पीछे से बाहर निकल गया। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें किसी तरह बाहर निकाला और 108 एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस चालक रोहित रामावत मौके पर पहुंचे और घायल को सीतामऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मंदसौर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
रात करीब 11:30 बजे परमानंद को मंदसौर जिला अस्पताल लाया गया। चेहरे में सरिया फंसा होने के कारण डॉक्टरों ने उसे निकालने का प्रयास नहीं किया। चिकित्सकों के मुताबिक सरिया निकालने से चेहरे के अंदरूनी हिस्सों और नसों को गंभीर नुकसान पहुंचने का खतरा था। सर्जिकल स्पेशलिस्ट डॉ. प्रीति मानावत सहित मेडिकल कॉलेज की टीम ने करीब डेढ़ घंटे तक बाहर से उपचार किया।
डॉक्टरों के अनुसार कान के पीछे सरिया जिस स्थान से बाहर निकला था, वहां करीब 5 से 6 इंच लंबा और गहरा घाव था। उपचार के दौरान परमानंद दर्द से तड़पते रहे और चिकित्सकों से सरिया निकालने की गुहार लगाते रहे, लेकिन गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने ऐसा नहीं किया।
डॉ. प्रीति मानावत ने बताया कि अपने 21 साल के चिकित्सा करियर में उन्होंने पहली बार इस तरह का मामला देखा है। रात करीब 1 बजे परमानंद को गंभीर हालत में रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। रतलाम रवाना किए जाते समय भी सरिया उनके चेहरे में फंसा हुआ था।
परमानंद के बेटे प्रवीण के मुताबिक हादसा घर से करीब आधा किलोमीटर पहले हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही वह मौके पर पहुंच गया था। फिलहाल परमानंद की हालत गंभीर बनी हुई है।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल: हादसे के बाद निर्माणाधीन पुलिया के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इतनी गहराई वाली निर्माणाधीन जगह के पास लगाए गए बेरीगेट के खिसकने और नीचे खुले में सरिया पड़े होने से यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों ने निर्माणाधीन पुलिया के आसपास पर्याप्त बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।













