वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गुरुवार को व्हाइट हाउस में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मेजबानी करेंगे। दोनों नेताओं की मुलाकात में ईरान पर चर्चा होना तय है जबकि व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की सुरक्षा और चीन में हिरासत में लिए गए अमेरिकी नागरिक जैसे मुद्दे भी बैठक से पहले चर्चा में हैं।
ट्रंप ने बुधवार शाम कहा कि वह शी जिनपिंग के साथ ईरान के मुद्दे पर बातचीत करेंगे। इससे बैठक के एजेंडे में शामिल कम से कम एक अहम मुद्दा साफ हो गया। इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बातचीत के मुद्दों की पूरी लिस्ट बताने से इनकार कर दिया था।
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "मैं इस मुद्दे और कई दूसरे विषयों पर बात करूंगा। इस पर भी चीजें आगे बढ़ रही हैं।"
शी जिनपिंग बुधवार को जॉइंट बेस एंड्रयूज पहुंचे, जहां ट्रंप और अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने उनका स्वागत किया। उनके स्वागत में रेड कार्पेट बिछाया गया, तोपों से औपचारिक सलामी दी गई और दो बी-1 बॉम्बर विमानों ने ऊपर से उड़ान भरी।
गुरुवार के कार्यक्रम में व्हाइट हाउस में औपचारिक स्वागत समारोह और शाम को स्टेट डिनर शामिल है।
यह बातचीत ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिकी कांग्रेस के कुछ सदस्य ट्रंप से चीन के साथ बाजार तक बेहतर पहुंच, टेक्नोलॉजी की सुरक्षा और विदेशों में अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर ठोस नतीजे हासिल करने की मांग कर रहे हैं। दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच व्यापार के मुद्दे पर बातचीत पहले ही हो चुकी है।
रुबियो ने बुधवार को न्यूयॉर्क में बताया कि अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रविवार को चीन के प्रतिनिधियों से व्यापार के मुद्दे पर बातचीत की थी। रुबियो ने इस बातचीत को खुली, साफ और सीधे मुद्दों पर हुई बातचीत बताया।
रुबियो से पूछा गया कि क्या ट्रंप ईरान और रूस से जुड़े संघर्षों को खत्म करने के लिए चीन से मदद मांगेंगे।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति संबंधित वैश्विक मुद्दों को उठाएंगे, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि अमेरिका चीन से खास तौर पर क्या करने के लिए कहेगा।
रुबियो ने कहा, "हम हर उस चीज पर बात करेंगे जो जरूरी और महत्वपूर्ण है।"
उन्होंने कहा कि अगर बातचीत से कोई सकारात्मक नतीजा निकलता है या दोनों देश मिलकर कोई घोषणा करते हैं, तो उसे सार्वजनिक किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि बातचीत अक्सर बेहतर तरीके से तब आगे बढ़ती है, जब अधिकारियों को निजी तौर पर बात करने का मौका मिले।
इसके बाद ट्रंप ने साफ कर दिया कि ईरान का मुद्दा निश्चित रूप से उन विषयों में शामिल होगा, जिन्हें वह शी जिनपिंग के सामने उठाएंगे। रुबियो ने इससे पहले अमेरिका का यह रुख दोहराया था कि ईरान को कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देना चाहिए। उन्होंने कहा था कि अमेरिकी प्रशासन बातचीत के जरिए समझौते के लिए तैयार है।
अमेरिकी सांसद चाहते हैं कि चीन के साथ बातचीत में कृषि व्यापार का मुद्दा भी उठाया जाए।
रिपब्लिकन सीनेटर पीट रिकेट्स और प्रतिनिधि सभा के सदस्य जैक नन ने ट्रंप प्रशासन से कहा है कि वह चीन की ओर से अमेरिकी सोयाबीन की भरोसेमंद और नियमित खरीद सुनिश्चित करे और अमेरिकी बीफ के लिए चीनी बाजार तक बेहतर पहुंच हासिल करे। उनकी मांग मौजूदा व्यापारिक वादों को लागू कराने के साथ-साथ चीन के बाजार को अमेरिकी सामान के लिए और खोलने पर केंद्रित है।
टेक्नोलॉजी के मुद्दे पर डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस वैन होलेन की अगुवाई में 17 सीनेटरों ने ट्रंप से चीन के साथ एआई सुरक्षा समझौता करने की कोशिश करने को कहा है। उनके सुझावों में एआई के लिए साझा टेस्टिंग स्टैंडर्ड, एडवांस एआई सिस्टम की निगरानी और दोनों देशों की सहमति से एआई के कुछ विकास को रोकने पर विचार शामिल है।
हालांकि, ये अमेरिकी सांसदों की मांगें और सुझाव हैं। इन्हें अमेरिका और चीन के बीच हुए किसी समझौते के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यह भी पक्का नहीं है कि ये सभी मुद्दे दोनों नेताओं की आधिकारिक बातचीत के एजेंडे में शामिल हैं।
चीन में हिरासत में लिए गए अमेरिकी नागरिकों का मुद्दा भी अमेरिकी पक्ष की ओर से उठाए जाने की उम्मीद है। रुबियो ने कहा कि अमेरिका उन देशों के साथ हर बातचीत में हिरासत में लिए गए अपने नागरिकों के मामलों को उठाता है, जहां ऐसे अमेरिकी नागरिक मौजूद हैं।














