छतरपुर, संजय अवस्थी। जिला न्यायालय छतरपुर के न्यायाधीशों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य संवर्धन और ईंधन की बचत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक सराहनीय एवं प्रेरणादायी पहल की शुरुआत की है। इस पहल के तहत अवकाश अवधि के दौरान उपलब्ध सभी न्यायाधीश अपने घरों से जिला न्यायालय तक साइकिल से पहुंचे।
इस अवसर पर वरिष्ठ न्यायाधीश ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील किए जाने के बाद न्यायपालिका ने भी इस दिशा में योगदान देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि साइकिल चलाना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी और देश की विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी।
उन्होंने बताया कि यह पहल केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो प्रत्येक शनिवार को न्यायाधीश साइकिल से ही न्यायालय पहुंचने का प्रयास करेंगे। वहीं जो न्यायाधीश साइकिल नहीं चला सकते अथवा महिला न्यायाधीश हैं, वे पैदल चलकर या पूल कार का उपयोग कर ईंधन बचत अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगी।
वरिष्ठ न्यायाधीश ने बताया कि छात्र जीवन के बाद लंबे समय पश्चात उन्होंने फिर से साइकिल चलाई है। उन्होंने कहा कि यह अनुभव सुखद रहा और समाज को सकारात्मक संदेश देने का एक माध्यम भी बना है।
जिला न्यायालय की इस पहल को आम नागरिकों द्वारा भी सराहा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समाज के जिम्मेदार और उच्च पदों पर आसीन लोग इस प्रकार की पहल करेंगे तो निश्चित रूप से आमजन भी पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत के प्रति जागरूक होंगे। यह कदम स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

