नई दिल्ली, 30 मई । मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस से केरल के एर्नाकुलम तक जाने वाली दुरंतो एक्सप्रेस में बर्तनों की गंदे तरीके से सफाई और हैंडलिंग से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई ) ने भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी ) को एक वैधानिक नोटिस जारी किया है। एफएसएसएआई ने यह जानकारी शनिवार को दी।
एफएसएसएआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक नोटिस शेयर किया, जिसमें बताया गया कि ट्रेन संख्या 12223 लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी)-एर्नाकुलम (ईआरएस) दुरंतो एक्सप्रेस के वीडियो को गंभीरता से लिया गया है। इस वीडियो में कैटरिंग स्टाफ या कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए कर्मचारी ट्रेन के टॉयलेट के अंदर बर्तन धोते हुए दिखाई दे रहे थे।
एफएसएसएआई ने कहा कि अगर ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह काम 'खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य व्यवसायों का लाइसेंस और पंजीकरण) विनियम, 2011' की अनुसूची 4 के तहत तय किए गए साफ-सफाई और स्वच्छता के नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
नोटिस में कहा गया है कि टॉयलेट वाली जगहों पर बर्तन धोने से खाने में गंदगी मिलने का गंभीर खतरा पैदा होता है और खाद्य सुरक्षा के नजरिए से यह बेहद आपत्तिजनक है। खाद्य सुरक्षा नियामक संस्था ने आगे कहा कि ऐसी घटनाओं से आम लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है और रेलवे की कैटरिंग सेवाओं पर ग्राहकों का भरोसा भी कम होता है।
उसने इस घटना के बारे में आईआरसीटीसी से सही जानकारी और स्पष्टीकरण मांगा है और उसे एक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) जमा करने का निर्देश दिया है।
एफएसएसएआई ने आईआरसीटीसी से यह भी पूछा है कि क्या ट्रेन में कैटरिंग सेवाएं किसी कॉन्ट्रैक्टर या लाइसेंसी के जरिए चलाई जा रही थीं। साथ ही, उसने कॉन्ट्रैक्टर के वैध एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर जैसी पूरी जानकारी भी मांगी है।
इसके अलावा यह भी पूछा है कि इस कथित उल्लंघन के लिए जिम्मेदार कॉन्ट्रैक्टर या स्टाफ के खिलाफ क्या सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं और क्या कार्रवाई की गई है। साथ ही, उसने कैटरिंग के काम में लगे कर्मचारियों द्वारा ली गई 'खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण और प्रमाणन' की जानकारी भी मांगी है।
इसके अलावा, नोटिस में आईआरसीटीसी को निर्देश दिया गया है कि वह खाद्य सुरक्षा नियमों की अनुसूची 4 में बताई गई जरूरतों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
एफएसएसएआई ने कहा कि इस मामले को बहुत जरूरी माना जाए और आईआरसीटीसी को निर्देश दिया कि वह जल्द से जल्द अपना जवाब और 'की गई कार्रवाई की रिपोर्ट' जमा करे।

