अहमदाबाद। पश्चिमी रेलवे ने वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक लगभग 320 करोड़ रुपए की स्क्रैप बिक्री दर्ज की है, जो अपने निर्धारित लक्ष्य से 28 प्रतिशत से अधिक है। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, रेलवे जोन ने अपने 'मिशन जीरो स्क्रैप' अभियान के तहत मध्य अक्टूबर में 300 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर लिया। इस अभियान का उद्देश्य अपने प्रतिष्ठानों और इकाइयों से स्क्रैप को हटाना और साथ ही अनुपयोगी और अप्रचलित सामग्रियों के निपटान से राजस्व उत्पन्न करना है।

बयान में कहा गया है, “16 अक्टूबर तक पश्चिमी रेलवे ने 248.97 करोड़ रुपए के आनुपातिक लक्ष्य के मुकाबले लगभग 320 करोड़ रुपए की स्क्रैप बिक्री दर्ज की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इसका कुल स्क्रैप बिक्री लक्ष्य 500 करोड़ रुपए से अधिक है।”

रेलवे जोन ने इस महीने चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान अक्टूबर के लिए अपने 55 करोड़ रुपए के मासिक लक्ष्य को भी पार कर लिया है। इस पहल में स्क्रैप की विभिन्न श्रेणियों की पहचान और निपटान शामिल है, जिसमें खाली किए गए रेलवे ट्रैक, स्थायी मार्ग सामग्री, खराब हो चुके लोकोमोटिव, कोच, वैगन, इलेक्ट्रॉनिक कचरा और अन्य विविध सामग्री शामिल हैं।

इन सामग्रियों के निपटान का उद्देश्य सामग्री प्रबंधन और परिचालन दक्षता में सुधार करना है। साथ ही रेलवे परिसर को स्वच्छ बनाए रखने के प्रयासों में सहयोग करना है। इस पहल से रेलवे को उन सामग्रियों से मूल्य प्राप्त करने का अवसर भी मिलता है जिनकी परिचालन में अब आवश्यकता नहीं है।