धार। मध्य प्रदेश का वही इलाक़ा जो अब देश के टेक्सटाइल मैप पर बड़ी पहचान बनाने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों और केंद्र सरकार की पीएम मित्र योजना के तहत यहां एक विशाल कॉटन और टेक्सटाइल क्लस्टर विकसित किया जा रहा है, जिसका मकसद भारत को वैश्विक कपड़ा बाजार में मजबूत खिलाड़ी बनाना है।


धार जिले के भैंसोला गांव में बन रहा यह टेक्सटाइल पार्क करीब 2,158 एकड़ भूमि में फैला होगा। यह पार्क कपास से लेकर फाइबर, यार्न, फैब्रिक और गारमेंट तक पूरी वैल्यू चेन को एक ही जगह पर जोड़ेगा।


इस क्लस्टर की सबसे बड़ी खासियत है — उद्यमियों को मिलने वाली सुविधाएं।


यहां उद्योग लगाने वालों को सस्ती बिजली, पर्याप्त पानी, और किफायती दरों पर जमीन उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि निवेशक बिना अतिरिक्त लागत के उत्पादन शुरू कर सकें।



परियोजना के तहत

81 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक यूनिट्स विकसित की जा रही हैं,

20 एमएलडी का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है,

10 एमबीए का सोलर पावर स्टेशन भी प्रस्तावित है,

आधुनिक सड़क, लॉजिस्टिक्स और वॉटर सप्लाई सिस्टम तैयार किया जा रहा है|


सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस टेक्सटाइल पार्क से करीब 3 लाख रोजगार पैदा होने की संभावना है, जिनमें 1 लाख प्रत्यक्ष और 2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल हैं।


इसका सीधा लाभ धार और आसपास के कपास उत्पादक जिलों के किसानों को मिलेगा, जिन्हें अब अपनी फसल के लिए स्थानीय और स्थायी बाजार उपलब्ध होगा।


पहले जहां कच्चा कपास दूसरे राज्यों या देशों तक भेजा जाता था, अब वहीं कपास से कपड़ा और तैयार गारमेंट बनेंगे — जिससे किसानों की आय और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूती मिलेगी।


इस प्रोजेक्ट के लिए पहले चरण में 773 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए जा चुके हैं, जबकि शुरुआती निवेश प्रस्ताव 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के बताए जा रहे हैं।


केंद्र सरकार की ओर से इस परियोजना को करीब 2,100 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी मिल चुकी है।


सरकार का साफ लक्ष्य है — भारत को बांग्लादेश जैसे देशों की तर्ज पर कॉटन और क्लॉथ मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बनाना और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट में देश की हिस्सेदारी बढ़ाना।


कुल मिलाकर, धार में बन रहा पीएम मित्र टेक्सटाइल क्लस्टर न सिर्फ मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है — जहां किसान, उद्योग और युवा, तीनों को नए अवसर मिलेंगे। अब समझ लेते हैं कि आखिर युवा उद्यमी इस क्लस्टर का हिस्सा बनने के लिए कैसे अप्लाई कर सकते हैं।


पीएम मित्र पार्क में वही उद्यमी आवेदन कर सकते हैं जो:

टेक्सटाइल / गारमेंट / कॉटन वैल्यू-चेन से जुड़े हों (जैसे: स्पिनिंग, वीविंग, प्रोसेसिंग, गारमेंट, टेक्निकल टेक्सटाइल)


नया उद्योग लगाना चाहते हों या मौजूदा उद्योग का विस्तार करना चाहते हों कंपनी / एलएलपी/ पार्टनरशिप / प्रोप्राइटरशिप में रजिस्टर्ड हों 2 कहां अप्लाई करना होता है, धार का पीएम मित्र पार्क राज्य सरकार की एसपीव्ही (स्पेशल परपोज व्हीकल) के माध्यम से संचालित हो रहा है।


उद्यमी को अप्लाई करना होता है:

?? पीएम मित्र पार्क धार - एसपीव्ही/ एम इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन(एमपीआईडीसी) के माध्यम से आमतौर पर आवेदन दो प्लेटफॉर्म से लिए जाते हैं:


एमपीआईडीसी दूसरा इन्वेस्ट एमपी पोर्टल

इसके साथ ही आप पीएम मित्र पार्क की आधिकारित ईओआई के जरिये भी अप्लाई कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया को समझ लीजिए। इसके लिए आपको ईओआई पर ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन करने का अवसर मिलता है। इस रजिस्ट्रेशन के साथ ही आपको बताना होता है कि आप किस तरह की यूनिट लगाना चाहते हैं, कितना निवेश करेंगे और आपको कितनी जमीन चाहिए। इसके बाद आपको डीपीआर यानि डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट सौंपनी होती है जिसमें आपको मशीनरी डिटेल, रोजगार संख्या, बिजली, पानी की जरूरत, उत्पादन क्षमता जैसा जरूरी विवरण देना होता है। सरकार की टीम आपके डीपीआर का अप्रूवल करती है और अप्रूवल मिलते ही आपको जमीन अलॉटमेंट, लीज एग्रीमेंट, बिजली, पानी के कनेक्शन मिल जाते हैं। हां लेकिन आपको तय समय सीमा में उद्योग शुरू करना अनिवार्य होता है। जो भी लोग पीएम मित्र पार्क में अपनी यूनिट लगाना चाहते हैं उन्हें किफायती दर पर औद्योगिक जमीन, सस्ती और निर्बाध बिजली और पानी जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इसके लिए जरूरी दस्तावेज क्या चाहिए हैं वो भी सुन लीजिए। आवेदन के समय आपको अपनी कंपनी या फर्म का रजिस्ट्रेशन, पेन और जीएसटी का डिटेल, निवेश क्षमता का प्रमाण, बैंक से फाईनेंसियल डिटेल और डीपीआर देना होता है। धार का पीएम मित्र पार्क तेजी से उद्यमियों की पसंद बन रहा है। पहले चरण में ज्यादातर यूनिट्स निश्चित हो चुकी हैं अब दूसरे चरण के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं तो अगर आपको भी इस खबर से कोई वैल्यू मिलती है तो इसे शेयर करें ताकि दूसरे भी इस योजना का लाभ ले सकें।