भोपाल, जीतेन्द्र यादव। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का पहला ही दिन भारी हंगामे, शोर-शराबे और तीखी राजनैतिक बहस की भेंट चढ़ गया। रविवार को मोहन यादव कैबिनेट से मंजूरी मिलने के ठीक अगले ही दिन सोमवार को राज्य सरकार ने बहुचर्चित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक को विधानसभा के पटल पर औपचारिक रूप से पेश कर दिया।
मंत्री गौतम टेटवाल ने सदन में यूसीसी बिल प्रस्तुत किया। इसके साथ ही सरकार ने एक साथ कुल 14 महत्वपूर्ण विधेयकों को पटल पर रखा, जिस पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने प्रक्रियागत नियमों का हवाला देते हुए कड़ा ऐतराज जताया। दूसरी तरफ, उज्जैन के चर्चित जमीन घोटाले पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद विपक्ष ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया, जिसके चलते विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
सदन में यूसीसी के साथ पेश किए गए ये प्रमुख 14 विधेयक
अनुपूरक कार्यसूची के तहत सरकार ने एक के बाद एक कई अहम कानूनी सुधारों और संशोधनों से जुड़े विधेयकों को पटल पर रखा। पटल पर पेश किए गए प्रमुख विधेयकों की सूची इस प्रकार है:
- मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक, 2026
- मध्यप्रदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2026
- मध्यप्रदेश निरसन विधेयक, 2026
- मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक, 2026
- मध्यप्रदेश राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, 2026
- मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक, 2026
- मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026
- मध्यप्रदेश धन्वंतरी स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026
- मध्यप्रदेश कोड ऑन एम्पावरिंग वर्कस्पेसेज, 2026
- मध्यप्रदेश श्रम शक्ति संहिता, 2026
- मध्यप्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026 (सहित अन्य विधेयक)




