छतरपुर, सुबोध त्रिपाठी। स्थानीय ओरछा रोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली श्रीराम कॉलोनी में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कर्ज और सट्टेबाजों की धमकियों से तंग आकर 50 वर्षीय एक व्यक्ति ने सल्फास खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान राजेश अग्रवाल (पिता स्व. सीताराम अग्रवाल) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बरुआ सागर, जिला झांसी (उत्तर प्रदेश) के निवासी थे और पिछले कुछ वर्षों से यहाँ किराये के मकान में रह रहे थे।
पुलिस ने मृतक के पास से बरामद सुसाइड नोट और परिजनों के बयानों के आधार पर छह नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
कमरे का दरवाजा तोड़कर निकाला शव
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, मृतक राजेश अग्रवाल 26 मई की रात को अपने कमरे में सोने गए थे और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया था । दो दिनों तक जब वे कमरे से बाहर नहीं आए, तो परिजनों ने पुलिस को सूचित किया । 28 मई की दोपहर को पुलिस की मौजूदगी में जब दरवाजा तोड़ा गया, तो राजेश जमीन पर मृत अवस्था में पाए गए और उनके शव के पास सल्फास की डिब्बी बरामद हुई 。 पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मृत्यु का कारण जहरीले पदार्थ के सेवन से दम घुटना (श्वासावरोध) बताया गया है ।
सुसाइड नोट में फूटा दर्द: "गलत सौदे ने डुबोया"
पुलिस जाँच में मृतक की पैंट की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। सुसाइड नोट के अनुसार, राजेश अग्रवाल आरोपी रोहित उर्फ छोटू पटैरिया के साथ मिलकर कंप्यूटर पर ऑनलाइन MCX कमोडिटी (वायदा बाजार) का काम करते थे。 रोहित द्वारा किए गए एक गलत सौदे के कारण राजेश को ₹10 लाख का भारी नुकसान हुआ और वे कर्ज के जाल में फंस गए।
राजेश ने मरने से पहले लिखा कि कर्जदार उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे थे । उन्होंने अपनी बेबसी जाहिर करते हुए लिखा,
"मेरे परिवार में 90 वर्षीय वृद्ध मां हैं जो चल-फिर नहीं सकतीं, पत्नी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और बेटा बीमार रहता है। मेरे जाने के बाद प्रशासन मेरे परिवार की व्यवस्था किसी रिश्तेदार को सौंप दे।"
शहर के सट्टा नेटवर्क को खत्म करने की गुहार
मृतक ने सुसाइड नोट में छतरपुर शहर के भीतर चल रहे करोड़ों रुपये के अवैध सट्टा और मैच फिक्सिंग के काले कारोबार का भी भंडाफोड़ किया है । उन्होंने लिखा कि आरोपी रोहित पटैरिया के पास शहर के सभी बड़े बुकी (सट्टेबाजों) की जानकारी है। राजेश ने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि शहर से इस "MCX के कचरे" को पूरी तरह साफ किया जाए, ताकि भविष्य में किसी और को आत्महत्या के लिए मजबूर न होना पड़े। मृतक के मोबाइल में इस अवैध कारोबार से जुड़े कई कॉल रिकॉर्डिंग्स और व्हाट्सएप चैट्स भी मौजूद हैं।
"परिवार को रोड पर लाकर भीख मंगवा देंगे..."
मृतक की 70 वर्षीय मां कृष्णा अग्रवाल ने पुलिस को दिए अपने बयानों में बताया कि आरोपी अनवर खान, शरद अग्रवाल, सुरेश नगरिया, कल्लू कलई और मोनू उर्फ दीपक अग्रवाल उनके बेटे पर पैसे वापस करने का लगातार दबाव बना रहे थे। आरोपियों ने धमकी दी थी कि यदि 10 दिनों के भीतर ₹10 लाख वापस नहीं किए, तो वे पूरे परिवार को रोड पर लाकर भीख मंगवा देंगे, राजेश को जान से मार देंगे और उसे जेल भिजवा देंगे ।
पुलिस की कार्रवाई: छह आरोपियों पर एफआईआर दर्ज
ओरछा रोड थाने के उप-निरीक्षक दीपक कुमार यादव ने मर्ग जाँच के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने सभी छह आरोपियों—रोहित (छोटू) पटेरिया, अनवर खान, शरद अग्रवाल, सुरेश नगरिया, कल्लू कलई और मोनू (दीपक) अग्रवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 61(2) (क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी) और 351(2) (क्रिमिनल इंटिमिडेशन/धमकी) के तहत अपराध पंजीकृत कर लिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Addl. SP) लेखराज मीणा के निर्देशन में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं। पुलिस मृतक के मोबाइल फोन और सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर सट्टेबाजों के इस बड़े सिंडिकेट की गहराई से कड़ियाँ जोड़ने में जुट गई है।

