छतरपुर (रोहित पाठक)। बुंदेलखंड सहित पूरे देश में इन दिनों भीषण गर्मी और तीखी धूप का सितम जारी है, लेकिन आस्था के सामने मौसम की यह दुश्वारियां पूरी तरह बौनी साबित हो रही हैं। ज्येष्ठ माह के पांचवें मंगलवार के पावन अवसर पर छतरपुर जिले के सुप्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल बागेश्वर धाम में आस्था का एक अभूतपूर्व और विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। पारा 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास होने और हवाओं में भारी उमस के बावजूद देश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालु अपने आराध्य बालाजी सरकार के दर्शन करने और मंगलवार की विशेष 'पेशी' में शामिल होने के लिए धाम पहुंचे। अलसुबह से ही मंदिर परिसर के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, जिसमें नन्हे बच्चों से लेकर बुजुर्गों और महिलाओं तक, सभी में अद्भुत उत्साह नजर आया। सुबह की भव्य आरती के बाद भक्तों ने पूरी श्रद्धा के साथ बालाजी सरकार के दर्शन किए, मंदिर की परिक्रमा लगाई और नारियल बांधकर अपनी अर्जी प्रस्तुत की।
इस विशेष मंगलवार को भक्तों की भारी भीड़ जुटने की एक मुख्य वजह बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर सरकार) का धाम में साक्षात मौजूद होना भी रहा। बद्रीनाथ धाम में अपनी कठिन साधना और श्री सत्यनारायण भगवान की कथा पूर्ण करने के बाद उनके पुनः बागेश्वर धाम आगमन से श्रद्धालुओं में एक अलग ही ऊर्जा और विशेष उत्साह देखने को मिला। मंगलवार की नियमित पेशी के साथ-साथ पूज्य सरकार के दिव्य पर्ची वाले दरबार में शामिल होने के लिए दूर-दराज के राज्यों से भी भक्त बड़ी संख्या में पहुंचे थे। जानकारी के मुताबिक, बागेश्वर सरकार आगामी 4 जून तक बागेश्वर धाम में ही प्रवास पर रहेंगे, जिसके चलते धाम में लगातार श्रद्धालुओं के आने का तांता लगा हुआ है।
भीषण और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी को ध्यान में रखते हुए बागेश्वर धाम प्रबंधन समिति द्वारा इस बार धरातल पर व्यापक और पुख्ता व्यवस्थाएं की गई हैं, जिसकी दर्शनार्थियों ने भी खुले दिल से सराहना की। धाम परिसर और मुख्य मार्गों में जगह-जगह आधुनिक कूलर, पंखे और ठंडे पेयजल के लिए वाटर कूलर स्थापित किए गए हैं, ताकि भक्तों को डिहाइड्रेशन या अन्य कोई परेशानी न हो। इसके साथ ही, सबसे सराहनीय कार्य परिक्रमा मार्ग पर देखा गया, जहाँ दोपहर के समय सूर्य की तपन से खौलती जमीन पर भक्तों के पैर न जलें, इसके लिए पूरे मार्ग में पानी से तर की गई मोटी जूट की चटाइयां (टाट) बिछाई गई हैं। इन गीली चटाइयों के सहारे श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के सहजता से अपनी परिक्रमा पूर्ण कर रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, दोपहर के समय जब मंदिर के पट नियमानुसार कुछ घंटों के लिए बंद रहते हैं, तब दूर से आए हजारों श्रद्धालुओं को धूप से बचाने और उनके विश्राम के लिए एक विशाल आधुनिक शेड (डहेलिया) का निर्माण कार्य भी युद्ध स्तर पर जारी है। इस भव्य शेड के पूरी तरह तैयार होने के बाद हजारों श्रद्धालु एक साथ बैठकर छांव और ठंडी हवा का आनंद ले सकेंगे। एक तरफ जहां आसमान से बरसती आग के कारण आम जनजीवन बेहाल है और पारा लगातार 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर बागेश्वर धाम में उमड़ी यह अटूट भीड़ यह साबित करती है कि भक्तों का विश्वास और श्रद्धा हर मौसम और हर कठिनाई पर भारी है। धाम समिति भी आगामी दिनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और आवास की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने में जुटी हुई है।



