भोपाल। आज मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुई तीन अलग-अलग घटनाओं में बच्चों सहित कुल नौ मौतों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। धार के पीथमपुर में स्कूल से लौटते समय तेज रफ्तार ट्रॉले ने बाइक सवार तीन मासूमों को कुचल दिया, तो वहीं कटनी जिले में दशहरा मेला देखने निकले तीन सगे भाइयों की अज्ञात वाहन की टक्कर से दर्दनाक मौत हो गई। उधर, झाबुआ के चुई गांव में त्योहार मनाने निकले तीन लापता बच्चों के शव एक गहरे कुएं में संदिग्ध अवस्था में मिलने से सनसनी फैली हुई है। एक ही दिन में घटी इन तीनों घटनाओं से पीड़ित परिवारों के घरों में त्यौहार की खुशियां मातम में तब्दील हो गईं।
पहली घटना धार जिले के औद्योगिक शहर पीथमपुर की है, जहां में महू-नीमच हाईवे पर सेंट फ्रांसिस स्कूल के पास गुरुवार दोपहर एक हृदयविदारक हादसा हुआ। उत्कर्ष आंगन कॉलोनी निवासी 9वीं कक्षा का छात्र प्रियांश दोपहर को अपनी बाइक से अपने छोटे भाई मोक्ष और मौसेरी बहन आरुषि को स्कूल की छुट्टी के बाद लेने गया था। घर लौटते समय महेंद्रा ब्रिज के पास एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रॉले ने उनकी मोटरसाइकिल को बुरी तरह कुचल दिया। टक्कर इतनी भयानक थी कि तीनों मासूमों के शरीर क्षत-विक्षत हो गए और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सेक्टर-1 थाना पुलिस ने शवों को अस्पताल भिजवाकर फरार ट्रॉला चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरा हादसा कटनी जिले के बहरी थाना क्षेत्र का है, जहां पड़रिया गांव के पास भीषण सड़क हादसे ने एक ही हंसते-खेलते परिवार के तीन चिराग बुझा दिए। बताया गया है कि ग्राम सिजेहरा निवासी तीन सगे भाई छोटेलाल कोल, अमित लाल कोल और सुमित कोल एक ही बाइक पर सवार होकर सिंगरौड़ी की तरफ दशहरा मेला देखने जा रहे थे। रात करीब 10 बजे बहरी रोड पर किसी अज्ञात भारी वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। तीनों भाइयों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलने पर स्थानीय विधायक संजय पाठक ने मौके पर पहुंचकर एम्बुलेंस की व्यवस्था कराई। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए, जबकि बहरी थाना पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है।
तीसरा हादसा झाबुआ जिले के चुई गांव में हुआ है, जहां दशहरा पर्व के दौरान लापता हुए तीन बच्चों विजय, मयंक और विवेक के शव गांव के ही एक गहरे कुएं से बरामद होने के बाद हड़कंप मच गया। बताया गया है कि देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की, तो खेत में बच्चों की साइकिल लावारिस मिली और पास के कुएं में तीनों के शव तैरते पाए गए। मृतकों में विजय और मयंक अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। शवों के नाक, कान और शरीर के अन्य हिस्सों पर धारदार हथियार से कटने और चोट के गंभीर निशान मिलने के कारण ग्रामीणों में 'नरबलि' अथवा किसी तांत्रिक अनुष्ठान से जुड़ी आपराधिक वारदात की आशंका फैल गई है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर फॉरेंसिक टीम के साथ हर पहलू से गहन जांच शुरू कर दी है।
बहरहाल विजयादशमी पर्व और त्योहारी माहौल के दौरान धार, कटनी और झाबुआ में घटी इन सिलसिलेवार त्रासदियों ने प्रशासनिक व्यवस्था और सड़क सुरक्षा दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में तेज रफ्तार और भारी वाहनों की लापरवाही ने छह होनहार बच्चों व युवाओं की जिंदगी छीन ली, वहीं झाबुआ में बच्चों के संदिग्ध शव मिलने की घटना ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। तीनों ही घटनाओं में संबंधित जिला प्रशासन और पुलिस टीमें आवश्यक वैधानिक कार्रवाई और पड़ताल में जुटी हुई हैं।


















