भिंड/गोहद (अक्षय जोशी)। मध्य प्रदेश के भिंड जिले के गोहद थाना क्षेत्र स्थित सब जेल (उप जेल) से कानून-व्यवस्था और जेल सुरक्षा को सरेआम धत्ता बताने वाली एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां पॉस्को (POCSO) एक्ट के तहत गंभीर अपराध में बंद एक शातिर कैदी जेल की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्थाओं को चकमा देकर रातों-रात फरार हो गया। कैदी द्वारा जेल के भीतर ही रखी निर्माण कार्य की बांस-बल्लियों की मदद से बाउंड्री वॉल लांघकर भागने की इस घटना से जेल महकमे सहित पूरे जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। घटना की भनक लगते ही जेल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया, जिसके बाद आनन-फानन में वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फरार हुए कैदी की पहचान अनिल गोयल के रूप में की गई है। जेल सूत्रों के मुताबिक, गोहद सब जेल के भीतर मेस बैरक के ठीक बगल में इन दिनों एक नई बैरक का निर्माण कार्य चल रहा है। आज निर्माण कार्य बंद था और वहां कोई मजदूर मौजूद नहीं था, जिसका फायदा उठाकर शातिर कैदी अनिल ने भागने का पूरा प्लान तैयार कर लिया। कैदी ने सबसे पहले निर्माण कार्य के लिए जेल परिसर के अंदर ही रखी भारी बांस-बल्लियों को उठाया और उन्हें मेस बैरक के सहारे सेक्टर वॉल (अंदर की सुरक्षा दीवार) पर टिका दिया। इन बल्लियों के सहारे वह पहले आसानी से सेक्टर वॉल के ऊपर चढ़ गया।
सेक्टर वॉल पर पहुंचने के बाद कैदी ने वहां रखी चेली (बांस की पारंपरिक सीढ़ी) का इस्तेमाल किया और उसकी मदद से जेल की मुख्य बाउंड्री वॉल (बाहरी ऊंची दीवार) पर चढ़ गया। इसके बाद उसने बिना कोई वक्त गंवाए बाउंड्री वॉल से बाहर की तरफ सीधी छलांग लगा दी और पलक झपकते ही वहां से रफूचक्कर हो गया। जब सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात प्रहरियों को कैदी के गायब होने का अहसास हुआ, तब तक वह पुलिस की पहुंच से काफी दूर निकल चुका था। जेल से कैदी के इस तरह नाटकीय ढंग से फरार होने की खबर मिलते ही भिंड जेल अधीक्षक विदित सिरवैया तत्काल भारी पुलिस बल के साथ गोहद सब जेल पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
उल्लेखनीय है कि फरार कैदी अनिल गोयल को जिले के मौ थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म (बलात्कार) की घिनौनी वारदात को अंजाम देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में मौ थाना पुलिस ने उसके खिलाफ भादंवि और पॉस्को एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे बीते 27 नवंबर 2025 को गोहद सब जेल भेज दिया गया था। लगभग 6 महीने तक जेल में रहने के बाद कैदी ने सुरक्षा की इस बड़ी चूक का फायदा उठाकर फरारी काट ली। जेल अधीक्षक ने ड्यूटी पर तैनात लापरवाह प्रहरियों के खिलाफ सख्त विभागीय जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, वहीं स्थानीय पुलिस ने चारों तरफ नाकेबंदी कर फरार कैदी की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।

